पुलिस ने पीड़ितों को शांत कराने के प्रयास किया, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद हंगामा बढ़ता चला गया। कई घंटे के हंगामे के बाद रीजनल मैनेजर दयानंद पांडे शाखा पहुंचे। रीजनल मैनेजर ने पीड़ितों से जेवरों की सूची मांगी। अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि आरएम ने सभी पीड़ितों के जेवरों व सामान की सूची मांगी है। तय हुआ है कि सोमवार को सभी पीड़ित अपनी सूची बैंक में सौंपेंगे, जो सीएमडी को भेजी दी जाएगी।
रीजनल मैनेजर ने आश्वस्त किया है कि तीन दिन में बैंक की ओर से सकारात्मक जवाब दिया जाएगा। वहीं कहा कि आंदोलन लगातार चलता रहेगा। बैंक ने तीन दिन का समय मांगा है। तीन दिन तक बैंक का काम नहीं रोका जाएगा। अगर पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हुआ तो बैंक का काम रोक कर अनिश्चितकालीन बैंक बंदी सत्याग्रह चलाया जाएगा। सड़क पर आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
इस मौके पर पीड़ित पंकज गुप्ता, विजय महेश्वरी, निर्मला तहलियानी, मीना यादव, सुशीला शर्मा, अमिता गुप्ता, सीता गुप्ता, महेंद्र सविता के अलावा अजय तिवारी, महेश गुप्ता, शीलू श्रीवास्तव, जय गुप्ता, सुनील अग्रवाल, दिलीप सिंह, इमरान शेख, मुकुल साहू, दीपक गुप्ता आदि थे।
अभी तक ग्राहकों ने पुलिस को ही तहरीर में बताया है कि उनका इतना सामान गायब हुआ है। समाचार पत्रों में इतना गायब होने की सूचना दे रहे हैं। पीड़ित उनसे मिलना चाह रहे थे। ग्राहकों से बैंक ने अपने सामान की लिस्ट और इसका इस्टीमेट मांगा है। अभी किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं हुआ है। यह इस लिए है कि ग्राहकों की डिमांड उच्च प्रबंधन को बताई जा सके। - दयानंद पांडेय, रीजनल मैनेजर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया