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लॉकर डकैती: दो और सराफा कारोबारी जांच के घेरे में, पुलिस की घरों और दुकानों में दबिश

Mon, 18 Apr 2022 02:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 11 लॉकरों से करोड़ों के गहने चोरी होने के मामले में नया खुलास हुआ है। छह दिन की रिमांड पर लिए गए पांचों आरोपियों ने जिन्हें गहने बेचे उनके नाम बता दिए हैं। पुलिस ने पहले आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ  की और उसके बाद सामना करवाया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 11 लॉकरों से करोड़ों के गहने चोरी होने के मामले में रविवार को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिए गए पांचों आरोपियों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। आरोपियों ने दो और सराफा कारोबारियों के नाम कुबूले हैं, जिन्हें उन्होंने गहने बेचे थे। पुलिस की एक टीम ने दोनों कारोबारियों के घर व दुकान में दबिश देकर पूछताछ की है। इसके अलावा मुखबिरों से मिली सूचना पर कुछ घरों में भी छापा मारा। यहां से कुछ अहम सुराग मिलने की खबर है।

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कराची खाना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जनवरी के बाद से लॉकरों से करोड़ों के गहने चोरी होने की 11 शिकायतें मिली थीं। पुलिस ने तीन मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की, तो तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामप्रसाद, लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय, लॉकर तोड़ने वाले अधिकृत मिस्त्री चंद्रप्रकाश व उसके तीन साथियों की भूमिका मिली थी। पुलिस ने चंद्रप्रकाश के भाई रमेश को छोड़कर पांच आरोपियों को जेल भेजा था। पुलिस ने शनिवार को पांचों आरोपियों को छह दिनों की कस्टडी रिमांड पर लिया।

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
रविवार को एडीसीपी ईस्ट राहुल मिठास के नेतृत्व में एसआईटी ने आरोपियों से पूछताछ की। अधिकारी के अनुसार चार सराफा कारोबारियों के बाद दो और के नाम आरोपियों ने बताए हैं। एक टीम ने दोनों कारोबारियों यहां दबिश देकर पूछताछ की। दो ऐसे घरों का भी पता चला, जहां गहने छिपाए जाने की आशंका है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल, उनकी आईडी, संपत्ति का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है। अधिकारी के अनुसार पीड़ित ग्राहकों से गहनों की डिटेल न मिलने से माल बरामदगी में समस्या आ रही है। ऐसे में उन्होंने ग्राहकों से पूरी डिटेल उपलब्ध देने को कहा गया है।

सेंट्रल बैंक - फोटो : सोशल मीडिया
गहनों को नकदी में बदलकर निवेश करने की आशंका पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से अभी तक गहनों की बरामदगी नहीं हो पाई है। ऐसे में गहनों को नकदी में बदलकर मनीलैंडर, फाइनेंसर या शेयर बाजार में निवेश करने की आशंका है। पुलिस इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार गहनों को चुराकर उन्हें ठिकाने लगाने में छह आरोपियों के अलावा भी कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। जल्द ही उनके नामों का भी खुलासा किया जाएगा।
पूछताछ में कुछ नए रिश्तेदारों के नाम भी आए सामने एडीसीपी के अनुसार आरोपियों ने पूर्व में की गई पूछताछ के दौरान अपने जिन रिश्तेदारों के नाम बताए थे, सभी से पूछताछ करने के साथ ही उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में कुछ नए रिश्तेदारों के नाम भी सामने आए हैं। उनसे पूछताछ के लिए एक टीम रवाना की जाएगी।
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मैनेजर बोला मैं बेगुनाह... वीडियो देखते ही चुप्पी साधी
पुलिस ने तत्कालीन बैंक मैनेजर रामप्रसाद से जब लॉकर से गहने चोरी करने के विषय में पूछा तो उसने खुद को बेगुनाह बताया। पुलिस ने उसे सितंबर में लॉकर तोड़ने वाले दिन का वो वीडियो दिखाया, जिसमें पीठ पर बैग टांगे लॉकर इंचार्ज शुभम के साथ ही बैंक मैनेजर भी नजर आए थे। वीडियो देखते ही मैनेजर ने चुप्पी साध ली।

बयानों में भिन्नता, नार्को टेस्ट का सहारा
पुलिस ने पांचों आरोपियों से पहले अलग-अगल पूछताछ की। इसके बाद जब उनका सामना कराया गया, तो सभी के बयानों में भिन्नता मिली। अधिकारी के अनुसार मिस्त्री ने गहने सराफ को बेचने की बात कबूली, जो गहने उसे लॉकर इंचार्ज और मैनेजर ने दिए थे। सामना कराने पर दोनों ने उसे गहने देने की बात से इनकार कर दिया, जबकि सराफ ने पूछताछ में गहने मिलने की बात कबूली। ऐसे में सच्चाई जानने के लिए पुलिस आरोपियों का नार्को टेस्ट का भी सहारा ले सकती है।
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