मंडलों में समरसता भोज का भी आयोजन होगा
इन आयोजनों की तैयारी को लेकर पिछले एक सप्ताह से लगातार पदाधिकारियों की बैठकें आयोजित की गई हैं। इसमें क्षेत्र कार्यवाह, प्रांत संघचालक, प्रांत प्रचारक, विभागों के पदाधिकारी शामिल रहे। तय किया गया है कि साइकिल यात्रा के बाद 12 से 17 जनवरी के बीच इन्हीं मंडलों में समरसता भोज का आयोजन होगा। इसमें सभी समाजों के लोग एक साथ बैठकर भोजन करेंगे।
रविदास जयंती का विशेष तौर पर किया जाएगा आयोजन
इस भोज के जरिए अगड़ा, पिछड़ा, दलित,अनुसूचित जनजाति सभी को एक मंच पर लाने की कवायद के रूप में भी इस कार्यक्रम को देखा जा रहा है। इसी तरह 24 से 28 जनवरी के बीच भारतमाता पूजन का कार्यक्रम रखा गया है। शहर-शहर और गांव-गांव भारतमाता के चित्र, पोस्टर और मूर्तियों के माध्यम से देश प्रेम की अलख जगाई जाएगी। इसके बाद 12 फरवरी को देश और प्रदेश भर में रविदास जयंती का आयोजन विशेष तौर पर किया जाएगा।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष में इन पर रहेगा फोकस
सोशल मीडिया का समाज और बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर चर्चा। महापुरुषों के विषय में जानकारी दी जाएगी। जिसमें महर्षि दयानन्द सरस्वती, भगवान बिरसामुंडा, अहिल्यादेवी होलकर, रानी दुर्गावती, अनुकूलचन्द ठाकुर प्रमुख हैं। इसी तरह सरसंघचालक मोहन भागवत के पंच परिवर्तन जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण, स्व पर आधारित जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं, उसके विषय में समाज के बीच चर्चा की जाएगी।