पीड़िता के परिवार और वकील को सीआरपीएफ की सुरक्षा दी गई। पीड़िता की मां को 25 लाख रुपए का चेक दिया गया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के एक्सीडेंट के मामले को 7 दिनाें में और पूर्व में चल रहे पूरे मामले को 45 दिनों में खत्म करने का समय दिया है, जिसके बाद सीबीआई इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार छापे मार रही है।
ये है पूरा मामला
4 जून 2017 को माखी गांव से एक 17 साल की किशोरी को गांव के ही शुभम व उसका साथी कानपुर के चौबेपुर निवासी अवधेश तिवारी अगवा कर ले गए थे। करीब आठ महीने बाद किशोरी मिली तो उसने आपबीती बताई। पीड़िता की मां की गुहार पर भी माखी थाने में कार्रवाई नहीं हुई।
तहरीर में पीड़िता की मां ने गांव के ही रहने वाले विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर और पड़ोस की एक महिला शशि सिंह के जरिए बहाने से घर बुलाकर दुष्कर्म और इसके बाद उसके गुर्गों पर सामुहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके बाद से सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी।