गांव निवासी रामबाबू ने बताया कि उनके पिता भगवानदीन शुक्रवार को भैंसें चराने के लिए चंद्रावल नदी के किनारे गए थे। वह नदी से कुछ दूरी पर पेड़ की छाया में बैठे थे। इसी दौरान भैंसें नदी पार कर दूसरी ओर चली गईं। भैंसों के दिखाई नहीं देने पर भगवानदीन कपड़े उतारकर उन्हें तलाशने के लिए नदी पार करने लगे। इसी दौरान तेज बहाव में वह नदी में डूब गए।
शाम तक भगवानदीन के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। नदी किनारे उनके कपड़े पड़े मिले। शनिवार सुबह भैंसें खुद घर लौट आईं, लेकिन भगवानदीन के वापस न आने पर परिजनों ने कैथी चौकी प्रभारी राजवीर सिंह और थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नदी में तलाश शुरू की, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि पशुपालक की तलाश के लिए मुख्यालय से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। टीम नदी में लगातार तलाश कर रही है।