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Kanpur News: क्रोमियम युक्त पानी पी रहे मवेशी, बीमार होने पर कम देते दूध

Wed, 15 Oct 2025 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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खानचंद्रपुर में पीला पानी पीते मवेशी। संवाद
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रनियां। अकबरपुर तहसील के खानचंद्रपुर में घरों में लगे सबमर्सिबल पंप से क्रोमियम युक्त पीला पानी निकल रहा है। यही पानी मवेशी पीते हैं। बीमार होने से मवेशी दूध कम दे रहे हैं। बिजली गुल रहने पर टंकी से जलापूर्ति ठप रहती है तो लोगों को भी दूषित पानी पीना पड़ता है।
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खानचंद्रपुर में दो दशक से अधिक समय तक 95 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा खुले में डंप रहा। बीते दो साल में कुंभी की दो कचरा निस्तारण कंपनियों ने क्रोमियम उठाया है। बारिश के पानी से क्रोमियम कचरा घुलकर भूजल में मिल गया है। इससे दूसरे स्ट्रेटा का भूजल दूषित हो गया है। इधर मिट्टी की ऊपरी सतह का उपचार अभी नहीं हो सका है। जबकि घरों में लगे हैंडपंप या फिर सबमर्सिबल पंप से दूषित पीला पानी ही निकलता है। लोग इसी पानी को मवेशियों के लिए प्रयोग करते हैं।
क्रोमियम युक्त पानी पीने से मवेशी बीमार होकर दूध का उत्पादन कम कर देते है। लोगों का कहना है कि टंकी से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था है, लेकिन कई बार बिजली गुल रहने या फिर नलकूप में खराबी आदि पर जलापूर्ति ठप रहती है। इस पर सबमर्सिबल पंप का पीला पानी ही प्रयोग करना पड़ता है। कुछ लोग पीने के लिए कैंपर का पानी खरीदते हैं, मगर सब के लिए कैंपर का पानी खरीदना मुश्किल है। दूषित पानी के प्रयोग से खुजली, पेट दर्द, बाल झड़ना व अन्य बीमारी की शिकायतें रहती हैं। एनजीटी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर इलाज की सुविधा शुरू की है। इसीक्रम में खून के नमूनों की जांच कराई जाती है। कुछ दिन पहले आई रिपोर्ट में 14 लोगों में खून में तय से अधिक क्रोमियम पाया गया है।
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फोटो- 30 शिवप्यारी।
फोटो-31 गोविंद पाल।
फोटो-32 रानी देवी।
फोटो-33 उमेश पाल।
मवेशी बीमार होने पर कम देते दूध
खानचंद्रपुर में यादवपुरवा, चौहानपुरवा और पालपुरवा तीन मजरे हैं। यादवपुरवा और पालपुरवा में करीब 300 मवेशी हैं। प्रत्येक घर में पशुपालन होता है। ऐसे कुछ घर है जिनमें दूध का व्यापार होता है। दूषित पानी पीने से मवेशी बीमार होते हैं तो दूध का उत्पादन कम हो जाता है। - उमेश पाल
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नहीं सुनते अधिकारी, कैसे मिले निजात
खानचंद्रपुर की क्रोमियम युक्त पानी की जटिल समस्या है। हैंडपंप के हत्थे उखड़ने के बाद पीले पानी से निजात नहीं मिली है। सबमर्सिबल, घरेलू हैंडपंपों से पीला पानी आ रहा है। अधिकारी सर्वे के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करते हैं मगर बाद में कोई सुनता नहीं है। - शिवप्यारी
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नहीं आती बिजली तो दूषित पानी पीना पड़ता
खानचंद्रपुर में कई दिनों तक बिजली नहीं आती है तो दूषित पानी पीना पड़ता है। मवेशियों को चारा-पानी के लिए पीले पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है। कुछ लोग तालाब के पानी का प्रयोग भूसा मिलाने में करते हैं। - गोविंद पाल
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दूषित पानी पीने से बीमार होते मवेशी
लोगों को टोटी से पीने का पानी मिलता है, मगर मवेशियों के लिए पेयजल व चारा के लिए जरूरी पानी की व्यवस्था नहीं है। मवेशी दूषित पानी पीते हैं। इसकी वजह से जल्दी-जल्दी बीमार होते हैं। - रानी देवी।
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वर्जन........
डंप स्थल की मिट्टी में शामिल क्रोमियम की जांच के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए पत्र लिखा गया था। अभी कोई जवाब नहीं मिला है। तीन संसदीय टीम की ऑनलाइन बैठक होनी है इसकी तिथि तय नहीं हुई है। डंप स्थल के चारों ओर चहारदीवारी बनाने का प्रस्ताव भी उच्चाधिकारियों के स्तर पर लंबित है। सरकारी हैंडपंपों के हत्थे हटवा दिए गए हैं। सबमर्सिबल पंप व निजी हैंडपंपों से पीला पानी आने की जानकारी कराएंगें। - मनोज चौरसिया, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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