संदलपुर। टिसौली गांव में नायक समाज के तीस परिवारों को मारपीट कर गांव से निकालने के मामले में पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, घर को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं सड़क पर तंबू तानकर रह रही महिलाओं व बच्चों को घरों में वापस भेजा गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात है। बुधवार को पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के टिसौली गांव में करीब चालीस साल पहले एक बुजुर्ग ने राजेश बंजारा के परिवार को रहने के लिए जगह दी थी। धीरे-धीरे परिवार बढ़ने के चलते मौजूदा समय में नायक समाज के करीब बीस कच्चे व पक्के घर हैं जिनमें तीस परिवार रह रहे थे। जिस बुजुर्ग ने उनके रहने के लिए जगह दी अब उसके परिवारीजन जमीन वापस मांग रहे हैं।
मंगलवार को नायक समाज के 30 परिवार के 55 लोगों को गांव के ही कुछ लोगों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। जिस पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की और गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर सड़क किनारे तंबू तानकर रहने लगे। मंगलवार देर शाम पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर घर से निकालने, झगड़ा-फसाद, महिलाओं से छेड़छाड़ सहित अन्य आरोप लगाकर तहरीर दी।
बुधवार को सीओ डेरापुर आशापाल सिंह, मंगलपुर थाने के एसएसआई राजेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तंबू मेें रह रहे 30 परिवारों के लोगों को समझा बुझाकर वापस घरों में रहने के लिए भेज दिया।
एसएसआई राजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर नरेश सिंह, हरपाल सिंह, गीरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, अमित, मोहित, अजयपाल, दीपक, जीवन व धर्मपाल के खिलाफ छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
इनमें आरोपी हरपाल, जीवन, गीरेंद्र, गजेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। वहीं विवेचना के दौरान मुकेश कुमार व प्रमोद के भी शामिल होने की जानकारी पर उनकी भी गिरफ्तारी की गई है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है।
पीड़ित व आरोपी पक्ष में पहले भी हो चुका विवाद
संदलपुर। टिसौली गांव में दोनों पक्षों के बीच कई दिन पहले से विवाद चल रहा था। गांव में खराब पड़े हैंडपंप को प्रधान सविता देवी ने रिबोर कराकर पोखर के दरवाजे लगवा दिया था। जिसको लेकर पूर्व में आरोपी नरेश सिंह व पीड़ित पक्ष के बीच गालीगलौज हुई थी। प्रधान ने मौके पर आकर दूसरा हैंडपंप लगवाने का आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया था। आरोप है कि तभी आरोपी ने पीड़ितों को गांव से भगा देने की धमकी दी थी।
गांव में पूरे दिन चली पंचायत
संदलपुर। दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के मामले में बुधवार को रिश्तेदार व ग्रामीण सभी को समझाने में जुटे रहे। पूरे दिन गांव में पंचायत चलती रही। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित पक्ष के लोग कार्रवाई की बात पर अड़े रहे और बात मानने से इंकार कर दिया। जिस पर बाहर से आए रिश्तेदार वापस चले गए।