नजदीकी एएनएम सेंटर में भर्ती करा देते। जब परिजन नहीं माने तो वह दोनों उन्हें एंबुलेंस में बिठाकर मौहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छोड़ा। जहां प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। वहीं प्रसूता का सड़क किनारे बैठे होने का वीडियो वायरल हो गया। इस मामले में प्रसूता के ससुर ने चालक पर 1000 रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए बताया कि न देने पर एम्बुलेंस चालक व ईएमटी ने जबरिया उतार दिया है।
प्रशासन के संज्ञान आने पर जिलाधिकारी डॉ. चंद्र भूषण त्रिपाठी ने जांच के आदेश दिए। इस पर सीएमओ एके रावत एवं तहसीलदार मोहम्मद असलम मंगलवार को भौरा गांव पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किये हैं। परिजनों के बयान के आधार पर सीएमओ ने चालक अभिषेक कुमार व ईएमटी अजीत कुमार के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने चालक व ईएमटी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों के गिरफ्तार होने पर एंबुलेंस कर्मचारी संघ में रोष फैल गया है। उन्होंने कहा कि वह जिलाधिकारी से मिलकर घटना की हकीकत बताएंगे। कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन की राह भी पकड़ेंगे।