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यौन शोषण का आरोपी जेई दो अन्य इंजीनियरों संग खरीदना चाहता था भूमि, 21 बीघा जमीन के लिए दस करोड़ लगाई थी बोली

Tue, 01 Dec 2020 10:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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आरोपी जेई रामभवन - फोटो : amar ujala
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करीब 50 बच्चों के यौन शोषण के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन के पास दौलत की कोई कमी नहीं थी। वर्ष 2018 में आरोपी जेई ने दो अन्य इंजीनियरों के साथ 21 बीघा जमीन खरीदने की योजना बनाई थी और करीब 10 करोड़ रुपये की बोली भी लगाई थी, लेकिन जमीन के मालिक द्वारा 14 करोड़ रुपये मांगने पर सौदा नहीं हुआ था।
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इस संबंध में भी सीबीआई ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है। यौन शोषण का आरोपी जेई रामभवन भले ही नौकरी के दौरान किराये के मकान में रहता रहा हो, लेकिन मोटी कमाई के लिए कई अन्य स्थानों पर भी रुपयों के निवेश का प्लान बनाता रहता था।

जेई वर्तमान में शोभा सिंह का पुरवा स्थित एसडीएम कालोनी में जिस घर में रहता था, वहां से डेढ़ सौ मीटर दूर एक परिवार की 21 बीघा जमीन को एकमुश्त खरीदने का प्लान बनाया था। लोगों के मुताबिक, 2018 में जमीन के सौदे को अंतिम रूप देने की योजना बनाई गई थी।
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बताया कि जमीन के मालिक के तीन भाई हैं। तीनों अलग अलग हिस्सा बेचने को तैयार नहीं थे। जेई भी एक साथ इतनी जमीन नहीं खरीद रहा था। इसके लिए उसने अपने साथ दो अन्य इंजीनियरों को भी शामिल कर जमीन खरीदने की योजना बनाई थी।

जमीन के लिए पहले 18 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन जेई ने कीमत आठ करोड़ रुपये लगाई थी। एक साल तक चली सौदेबाजी के दौरान 2019 में भूस्वामी ने 14 करोड़ जमीन की कीमत लगाई, लेकिन जेई 10 करोड़ ही देने को तैयार था।

इस बाबत भूस्वामी ने इस बात की पुष्टि की कि जेई व उसके साथी जमीन की प्लाटिंग कर बेचने के अलावा तीनों अपना-अपना घर भी बनवाने की योजना बना रहे थे। अब सीबीआई ने आरोपी जेई समेत अन्य दोनों को भी अपने रडार पर लिया है।

मोबाइल, लैपटॉप के विवरण का किया मिलान
सीबीआई ने आरोपी जेई रामभवन को भले ही बांदा जेल में दाखिल करा दिया हो, लेकिन उसके खिलाफ सबूत एकत्र करने का काम जारी है।  टीम ने मोबाइल, कंप्यूटर व अन्य इलेक्ट्रानिक सामग्री के विक्रेताओं से जेई के पास बरामद सामग्री दिखाकर उसकी रसीद मांगी।

ये भी जानने का प्रयास किया कि कब सामान खरीदा गया था। मोबाइल व लैपटॉप में नेटशटर रिचार्ज का विवरण का मिलान किया। कई दुकानदारों ने बताया कि जेई हजारों रुपये का रिचार्ज कराते थे और ज्यादातर रुपये नगद ही देते थे। यदि रुपये उधार हो गए तो एक माह के अंदर उसका भुगतान हो जाता था।
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फिर कई दुकानदारों से रेस्ट हाउस में की गई पूछताछ
सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में सीबीआई की एक टीम ने सोमवार को भी जेई को इलेक्ट्रानिक्स व अन्य सामग्री बेचने वालों से पूछताछ की। कई दुकानदारों से बेची गई सामग्री की रसीद मांगी और जेई के पास मिले बाउचर से मिलान भी कराया।

सीबीआई की जांच और कई सबूत अभी अधूरे हैं, जिनका मिलान करने को एक टीम सोमवार को भी चित्रकूट में मौजूद रही। रेस्ट हाउस में सुबह से लेकर शाम तक कई दुकानदारों व जेई के करीबियों का आना जाना लगा रहा।

मुख्यालय से गई जेई की पत्नी
निलंबित जेई रामभवन की पत्नी 26 नवंबर को चित्रकूट के एसडीएम कालोनी स्थित अपने किराये के घर में आई थी। इसके बाद पांच दिन तक सीबीआई के सवालों के घेरे में रही। वह सोमवार को चित्रकूट से चली गईं हैं। इसकी सीबीआई से स्वीकृति भी ली गई है। उनके किराये वाले कमरों में ताला लटका है।

जेई के चालक, मकान मालिक को छोड़ा
जेई रामभवन के वाहन चालक अभय कुमार व उसके मकान मालिक को दो दिन तक पूछताछ के लिए बुलाने के बाद सीबीआई ने सोमवार को दोनों को घर जाने की इजाजत दे दी। वाहन चालक कछारपुरवा गांव के किराये के मकान में लौट आया है। बताया कि सीबीआई ने उससे जो पूछा जानकारी दे दी। जेई मामले में उसने कुछ भी कहने से इनकार किया है। जेई के चालक को सीबीआई मुख्य राजदारों में से एक मान रही है।
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