डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे संत और कार्यकर्ता
कोई सुनवाई न होने पर बुधवार को पुजारी कुछ संतों के साथ जय श्रीराम के नारे लगाते हुए डीसीपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने मंदिर व उससे जुड़ी जमीन पर जूही थाना पुलिस की मिलीभगत से कब्जा कराने का आरोप लगाया। मामले की जानकारी डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल को दी गई।
मंदिर गेट को कर दिया था बंद
उन्होंने जूही पुलिस को जांच के लिए मौके पर भेजा। मंदिर में कब्जा व तोड़फोड़ की जानकारी होने पर बजरंग दल कार्यकर्ता दिलीप बजरंगी साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के आने पर पुलिस ने मंदिर परिसर में जाने वाले गेट को बंद कर लिया।
पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
इस पर कार्यकर्ता भड़क उठे और मंदिर दिखाने की मांग कर धरने पर बैठ गए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस परिसर में मौजूद दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गाड़ी में बैठाकर पूछताछ के लिए ले जाने लगी। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता जीप के आगे खड़े हो गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का मुक्की हो गई।
मौके पर मौजूद रहा 10 थानों का फोर्स
हंगामा बढ़ने की सूचना पर एसीपी नौबस्ता, डीसीपी साउथ समेत दस थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल ने बताया कि प्रकरण कब्जेदार के विवाद से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने धारा 145 के तहत कार्रवाई की है। मंदिर व मूर्ति तोड़े जाने के कोई भी साक्ष्य मौके पर प्राप्त नहीं हुए हैं।