आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के मामले में एसआईटी ने जैसे ही जांच शुरू की है वैसे ही कुछ बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बातचीत के दौरान मंडलायुक्त आवास पर तैनात एक कर्मचारी ने कई खुलासे किए हैं। एसआईटी से बातचीत में दावा किया है कि जब मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन मंडलायुक्त थे तब आवास की पूरी सूरत बदल गई थी। न किसी को पूजा पाठ करने की अनुमति थी न ही हिंदू धर्म संबंधित फोटो लगानी की। आवास पर आए दिन लोगों को जमावड़ा लगता था, जिसमें इस्लाम संबंधी ही बात होती थी।
एसआईटी ने बुधवार को फौरी तौर पर कर्मचारियों से बातचीत की थी। जिसमें एक कर्मचारी ने ये बातें बताईं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी शुक्रवार को उसके ऑफिशियल बयान भी दर्ज कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि आवास में तैनात कई कर्मचारी पूजा करते थे। जब इफ्तिखारुद्दीन की तैनाती हुई तो वह सभी को जाहिल कहकर बुलाते थे। वह मूर्ति की पूजा की मनाही करते थे। जिससे तमाम लोग परेशान थे लेकिन अफसर होने की वजह से कोई अपना मुंह नहीं खोलता था। वहीं होली और दीवाली जैसे त्योहार मनाने पर भी एक तरह से रोक लगा रखी थी। इन सभी तथ्यों को जांच में शामिल किया गया है।
कई और वीडियो लगे हैं हाथ
मामले में अब तक चार वीडियो वायरल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी के पास इस संबंध में आठ दस वीडियो पहुंच चुके हैं। यही नहीं ये भी जानकारी मिली है कि तकरीर कई घंटे की है। जिसके तमाम वीडियो हैं। धीरे-धीरे वह सभी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। एसआईटी प्रयास में है कि एक साथ सभी वीडियो मिल जाएं। जिससे जांच बेहतर और आसानी से हो जाए।