युवती ने मेडिकल कराने से किया इनकार
उनकी तलाश में पुलिस ने सातोंपीत, सातोंजोगा, थरियांव और शहर में छापे मारे हैं। विवेचक विनोद कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित युवती को नौ दिसंबर को मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया था। युवती ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि थाना क्षेत्र में आठ माह पहले अगवा युवती का गुरुवार को धर्मांतरण और निकाह किया जा रहा था। निकाह की भनक लगने पर ऐन मौके पर युवती की मां पहुंच गई। उसने हंगामा किया, तो युवक पक्ष के लोगों ने महिला से भी मारपीट की। पुलिस दोनों को थाने लेकर आई।
10 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस ने मौलवी समेत 10 लोगों पर धर्मपरिवर्तन समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मौलवी और निकाह करने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली 18 वर्षीय युवती को असोथर थाने के सातोंपीत निवासी अंसारी अहमद बहला फुसलाकर ले गया था।
युवती की मां ने बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सातोंपीत गांव में युवती का धर्मपरिवर्तन के बाद अंसारी अहमद के साथ शाम को निकाह कराया जा रहा था। इसकी बेटी ने मां को सूचना दी। बेटी की खोजबीन करते मां सातोंपीत पहुंच गई। महिला ने निकाह रोकने के लिए कहा।
इस बात को लेकर अंसार पक्ष ने हंगामा किया। उसके साथ मारपीट, छेड़खानी की। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मां-बेटी को थाने लेकर आई। महिला की तहरीर पर अंसारी अहमद, मौलवी लल्लू को हिरासत में लिया।
पुलिस ने अंसारी, मौलवी लल्लू, मां सहरून निशा सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। प्रभारी निरीक्षक नीरज यादव ने बताया कि अपहरण, मारपीट, छेड़खानी, धर्मपरिवर्तन, गाली गलौज और बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।