आईआईटी कानपुर के कल्चरल फेस्टिवल अंतराग्नि-2018 में शामिल होने आए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्र-छात्राओं के साथ अभद्रता और धमकाने का मामला सामने आया है। छात्र-छात्राएं इसकी शिकायत लेकर कल्याणपुर थाने पहुंच गए। आईआईटी प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस और खालसा कॉलेज के छात्रों का आरोप है कि पहले तो उन्हें दो दिन तक रूम के नाम पर परेशान किया गया।
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इसका विरोध किया तो शुक्रवार देर रात अंतराग्नि की टीम छात्राओं को एलॉट किए गए कमरों में पहुंच गई और जोर-जोर से दरवाजा पीटने लगे। डरी छात्राओं ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बुला ली। इससे नाराज अंतराग्नि की टीम और प्रोफेसरों ने उन्हें फेस्टिवल से बाहर कर दिया।
इससे आक्रोशित डीयू के छात्र-छात्राएं शनिवार तड़के सुबह कल्याणपुर थाने पहुंच गए। पुलिस ने आईआईटी प्रशासन से संपर्क किया और छात्रों द्वारा फेस्टिवल के लिए जमा की गई 1800 रुपये की फीस में से 900 रुपये वापस करवाए। देर शाम छात्र दिल्ली लौट गए। खालसा कॉलेज के छात्रों ने कमरे से कई चीजें गायब होने का भी आरोप लगाया। अंतराग्नि टीम के एक सदस्य ने रामजस कॉलेज के छात्रों के आरोपों को खारिज किया। कहा कि लड़के और लड़कियां एकसाथ रहने के लिए कह रहे थे। नियम विरुद्घ होने के चलते जब हम लोगों ने मना किया तो वो हमारे प्रोफेसरों के साथ अभद्रता करने लगे। इसलिए उन्हें बाहर कर दिया गया।
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दो दिन रूम के लिए किया परेशान
आईआईटी अंतराग्नि विवाद
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन रूम के लिए किया परेशान
दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने बताया कि उनके ग्रुप में 28 छात्र-छात्राएं हैं। सभी 24 अक्तूबर की शाम आईआईटी पहुंचे थे। आरोप है कि उस रात ब्वायज स्टूडेंट को बेहद गंदे कमरे एलॉट किए गए थे। छात्राओं को अंतराग्नि टीम के ब्वायज ने अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के सामने छोड़ दिया। छात्राओं ने जब अंतराग्नि हॉस्पिटेलिटी डेस्क पर शिकायत की तो मालूम हुआ कि उन्हें गलत जगह छोड़ दिया गया है। रातभर छात्राएं बाहर रहने को मजबूर रहीं। सुबह उन्हें ऐसा कमरा दिया गया जिसमें पहले से ही तीन छात्राएं थीं। इसका विरोध किया तो सभी को 25 अक्तूबर की दोपहर में टाईप-2 में कमरे एलॉट कर दिए गए।
रात में पहले फोन किया फिर दरवाजा खटखटाया
आईआईटी अंतराग्नि विवाद
- फोटो : अमर उजाला
रात में पहले फोन किया फिर दरवाजा खटखटाया
डीयू की एक छात्रा ने बताया कि बिजली सही होने के बावजूद शुक्रवार रात डेढ़ बजे उन्हें किसी ने फोन किया और कहा कि आपके कमरे की लाइट खराब है। आप अपना कमरा नंबर बताइए। छात्रा ने रूम नंबर देने से इंकार किया तो कुछ देर बाद उनके कमरे का कोई दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने लगा। इसपर छात्राओं ने पुलिस को बुला लिया। विवाद का कोई हल नहीं निकला तो पुलिस लौट गई।
प्रोफेसरों पर धमकाने और दुर्व्यवहार करने का आरोप
छात्राओं का आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद कुछ प्रोफेसर अंतराग्नि टीम के साथ उनके पास पहुंच गए। उन्हें धमकी देने लगे। अराजकतत्व बताने लगे। आरोप है कि सिक्योरिटी का जिम्मा संभालने वाले एक प्रोफेसर ने छात्र-छात्राओं का करियर बर्बाद करने तक की धमकी दे डाली। एक छात्रा का आरोप है कि प्रोफेसर ने लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल खड़े किए और लाठी-डंडे से पीटने की धमकी भी दी। एक छात्रा ने फोन चोरी होने की भी शिकायत की है। इसके अलावा खालसा कॉलेज के कई छात्रों के सामान भी चोरी हुए हैं।
पहले भी हुई हैं घटनाएं
अंतराग्नि में बाहरी छात्रों के साथ अभद्रता का मामला इसके पहले भी हो चुका है। पिछली बार गुवाहाटी की छात्राओं ने अंतराग्नि टीम पर अभद्रता का आरोप लगाया था। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी भी जाहिर की थी।
मामला संज्ञान में है। छात्र-छात्राओं के साथ अभद्रता की बात गलत है। मामले पर स्टूडेंट काउंसिल और सिक्योरिटी इंचार्ज से रिपोर्ट मांगी है।
प्रो. पी शुनमुगराज
डीन, स्टूडेंट अफेयर्स
कैंपस से बाहर हूं। घटना की जानकारी नहीं थी। इसकी जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई होगी।
प्रो. अभय करंदीकर
निदेशक, आईआईटी कानपुर