गबन और वित्तीय अनियमित्तता में पाए गए थे दोषी
जांच के लिए गठित टीम ने बिना अधिकार पत्र अथवा चेक के ग्राहकों के खाते को डेबिड कर नीरज त्रिपाठी और शाखा प्रबंधक विजय शुक्ला समेत तीन लोगों ने 31 लाख 53 हजार का गबन किया गया था। साथ ही 63,734 रुपये की वित्तीय गड़बड़ी पाई गई। इसी दौरान प्रभारी शाखा प्रबंधक सर्वेश तिवारी के साथ कैशियर नीरज त्रिपाठी के साथ 4 लाख 19 हजार 900 रुपये का गबन और 2047 रुपये की वित्तीय अनियमित्तता के दोषी पाए गए।
कैशियर समेत तीन बैंककर्मी गिरफ्तार
सात नंवबर 2017 को प्रबंधक विजय शुक्ला, प्रभारी शाखा प्रबंधक सर्वेश तिवारी और कैशियर नीरज त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में दूसरी रिपोर्ट दर्ज की गई। लखनऊ से आई को-ऑपरेटिव सेल की टीम ने गुरुवार को कैशियर नीरज त्रिपाठी, प्रभारी कैशियर जग प्रसाद व एक अन्य कर्मी हरी प्रसाद कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया।