वीडियो से पुलिस का झूठ उजागर
एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जब सुबोध को लाया गया था तो वह बातचीत कर रहा था। उठने बैठने के साथ चल फिर रहा था। वीडियो जब सामने आए तो पुलिस का झूठ उजागर हो गया। पुलिस को सीएचसी के बजाय सीधे किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। सवाल है कि आखिर पुलिस अफसर सचेंडी पुलिस की लापरवाही पर क्यों पर्दा डाल रहे हैं।
क्या डॉक्टरों की तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस के मुताबिक सीएचसी में सुबोध की हालत सामान्य बताई गई थी। इसी बात का अफसर हवाला दे रहे हैं कि अगर डॉक्टर ने सलाह दी होती तो उसको तुरंत भर्ती कराया जाता। हालांकि वीडियो से पुलिस की लापरवाही तो उजागर हो गई है। अब देखना होगा कि क्या मेडिकल करने वाले डॉक्टरों की कोई जिम्मेदारी तय की जाएगी या नहीं।
घटना के संबंध में तमाम तथ्य सामने आ रहे हैं। एक-एक तथ्यों की जांच की जा रही है। अगर किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी