मौर्य व कुशवाहा समाज के लोगों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
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हरदोई के संडीला में मंदिर में मूर्ति खंडित किए जाने के मामले में डॉ. अरुण मौर्या के खिलाफ दर्ज केस निराधार है। रविवार को संडीला में मौर्य व कुशवाहा समाज के लोगों ने तहसीलदार अंबिका चौधरी को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर ये बात कही।
समाज के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कि डॉ. अरुण मौर्या को साजिश के तहत फंसाया गया है। तहसीलदार मेें सौंपे गए ज्ञापन में लोगों ने कहा कि अरुण मौर्या जिम्मेदार नागरिक होने के साथ ही प्रतिष्टित डॉक्टर हैं।
सामाजिक कार्यों में भी वह भागीदारी करते हैं। उन्हें एक कार्यक्रम में बुलाया गया था। बैठक के दौरान ही किसी अराजकतत्व ने घटना को अंजाम दे दिया। इसकी भनक लगते ही स्वयं डॉ. मौर्या ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद भी कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर दबाव बनाकर साजिशन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
समाज के लोगों ने कहा कि कुछ लोग उनकी छवि खराब करने को प्रयासरत हैं। उनके घर पर व अस्पताल में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया गया। इस मौके पर अनिल मौर्य, डॉ. ब्रज मोहन मौर्य, एडवोकेट सुरेश कुशवाहा, जगदीश मौर्य, आलोक मौर्य व शिवदीन पाल आदि मौजूद रहे।