फर्रुखाबाद में कोटेदार की मौत के बाद कंपिल थाने पर भीड़ के बवाल के मामले में गुरुवार को थाने के दरोगा रामप्रसाद चौधरी ने पांच नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में बुधवार को ही थानाध्यक्ष ललितेश त्रिपाठी व दो सिपाहियों के खिलाफ कोटेदार की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। पुलिस कप्तान दयानंद मिश्र ने दोनों ओर से दर्ज रिपोर्टों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
कंपिल थाने के दरोगा रामप्रसाद चौधरी की तहरीर के मुताबिक बुधवार को कोटेदार का भाई मनोज कुमार समेत पांच लोग अपने साथ 250 अन्य लोगों को लेकर थाने में घुस आए। उन्होंने पथराव करके दहशत फैलाई। सरकारी गाड़ियों में आग लगाकर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की। सभी लोग थाने के अंदर बने क्वार्टरों में घुस गए। वहां रखे सामान की लूटपाट की। इस मामले को थाने में उपद्रव, सरकारी कार्य में बांधा डालने, पुलिस पर हमला, लूटपाट व तोड़फोड़ आदि धाराओं में दर्ज किया गया है।
दरोगा का आरोप है कि समाउद्दीन नगर के कोटेदार राधेश्याम शर्मा की मौत हृदय गति रुकने से हुई थी। इसके बाद उनके भाई मनोज कुमार तथा अन्य पांच लोगों ने जनता को भड़काया। अवैध असलहे भी लहराए। एसपी ने बताया कि विवेचना निष्पक्ष कराए जाने के उद्देश्य से स्थानांतरित की गई है। विवेचना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कोटेदार राधेश्याम शर्मा की मौत का कारण हृदय गति रुकना ही आया है। तीन डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में कोटेदार के शरीर पर भी कोई जाहिरा चोट नहीं दिखाई दी है।