यूपी के उन्नाव जिले में मांस निर्यातक इकाई इंडाग्रो फूड्स में तीन दिन पहले करंट लगने से हुई श्रमिक की मौत की घटना में चौकी इंचार्ज ने फैक्ट्री के मालिक और मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंडाग्रो स्लाटर हाउस में सोमवार की रात बहराइच जिले के गांव नानपारा निवासी जाकिर (29) पुत्र साबिर की संदिग्ध हालात में करंट लगने से मौत हो गई थी। जाकिर अपने छोटे भाई शाहिर, आसिफ, बहन तारा व मुन्नी के साथ कई साल से इसी फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने बिना इलाज कराए उसे निजी वाहन से लखनऊ में इलाज कराने के बहाने बहराइच भेजने की तैयारी कर ली।
इसी दौरान मृतक के भाई-बहन की सूचना पर दही पुलिस चौकी इंचार्ज हसीब अहमद ने फैक्ट्री की गाड़ी का पीछा कर नवाबगंज टोल टैक्स बैरियर के पास रोक लिया। तब तक जाकिर की मौत हो चुकी थी। परिजन शव लेकर फैक्ट्री आए थे और जमकर हंगामा हुआ था। प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद और मृतक की पत्नी को ढाई हजार रुपये पेंशन का वादा किया। इसपर हंगामा शांत हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक फैक्ट्री प्रबंधन के दबाव में मृतक के परिवार वाले कोतवाली पुलिस को तहरीर देने से पीछे हट गए। घटना के तीसरे दिन दही पुलिस चौकी इंचार्ज हसीब अहमद ने शहर कोतवाली में इंडाग्रो फूड्स के मालिक और मैनेजर के खिलाफ लापरवाही से श्रमिक की मौत और साक्ष्य मिटाने का प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि चौकी इंचार्ज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।