बौद्ध नगर, नौबस्ता स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में हत्या, लूट, दुष्कर्म और चोरी के आरोप में 56 किशोर बंद हैं। इनमें चार बंदी बालिग हो चुके हैं। इस पर कोर्ट ने चारों को माती जेल शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को जेल पुलिस चारों को लेने पहुंची तो साथी बंदी भड़क गए। उन्होंने अधीक्षक प्रेमेंद्र कुमार से चारों को न ले जाने की बात कही। उन्होंने मना किया तो बंदी उग्र हो गए। अधीक्षक मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। हॉल में रखी मेज कुर्सियां फेंक दी। बिल्डिंग में बाहर की ओर लगे शीशे तोड़ डाले। अधीक्षक और कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो मारपीट की। इससे अधीक्षक के हाथ में चोट आई है। बवाल के बाद संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
एक साल का था साथ
माती जेल में शिफ्ट हुए चारों बंदी संप्रेक्षण गृह में करीब एक साल से थे। चारों ने अपना गैंग तैयार कर लिया था। सभी बंदी उनके कहने पर चलते थे। जो विरोध करता था, उसके साथ मारपीट करते थे। इसके चलते चारों के खिलाफ कई बार कार्रवाई भी की गई थी। अधीक्षक का कहना है कि यह बवाल भी उन्हीं के इशारे पर हुआ है।