पुलिस के अनुसार, चांदनी करीब दो साल से अपने मायके में रह रही थी। उसे घर वापस लाने को लेकर पति संतोष और उसके ससुराल पक्ष में विवाद चल रहा था। वहीं मामले में तीसरे आरोपी अंशु की गिरफ्तारी को लेकर भी चर्चा है। पुलिस पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसका भाई संतोष चांदनी के मायके में रहने से परेशान था। कई बार वह चांदनी को समझौता कर घर लाने का प्रयास कर चुका था, लेकिन बात नहीं बनी। आरोपी के मुताबिक एक बार चांदनी घर आई थी और बाद में वहां से सामान और रुपये लेकर मायके चली गई थी।
नशे में संतोष की पिटाई के बाद बनाई हत्या की योजना
विनोद के अनुसार घटना वाले दिन चांदनी की छोटी बहन सरोजनी का पति संतोष उसे घर ले जाने के लिए पहुंचा था, लेकिन चांदनी तैयार नहीं थी। संतोष के नशे में होने के कारण परिवार के लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद वह वहां से माल रोड चला गया। वहां उसने अपने छोटे भाई विनोद और चचेरे भाई अंशु के साथ शराब पी।
तमंचा कहां से मिला, पुलिस कर रही जांच
पुलिस के मुताबिक विनोद ने एक गोली मारकर चांदनी की हत्या करने की बात स्वीकार की है। पूछताछ के दौरान उसके चेहरे पर किसी तरह की शिकन नहीं दिखाई दी। वहीं जेल से बाहर आने के बाद सरोजनी से बदला लेने के सवाल पर आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया।