कानपुर। कंबोडिया के साइबर ठगों को पकड़ने के लिए अमेरिका के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा। क्राइम ब्रांच के साइबर सेल मुख्यालय की मदद से अमेरिका की जांच एजेंसियों को पत्र भेजने की तैयारी है। जोधपुर से गिरफ्तार हुए आरोपी रामनिवास ने साइबर ठगों से रुपये लेकर उसे क्रिप्टो करेंसी में ट्रांसफर किया था। यह कार्य चीन की कंपनी की ओर से तैयार डिजिटल वॉलेट की मदद से हुआ जिसकी वजह से आगे की जानकारी फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट से नहीं हो पा रही है।
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने मास्टरमाइंड महेंद्र, राम निवास और दिनेश विश्नोई को जोधपुर से गिरफ्तार कर रिटायर्ड बैंक कर्मी अनिल कुमार सिंह चौहान से हुई करीब 2.50 करोड़ की ठगी का राजफाश किया था। जांच में सामने आया था कि तीनों आरोपी कंबोडिया के साइबर ठगों के लिए कार्य कर रहे थे। आरोपियों की जानकारी जुटाने के लिए क्रिप्टो करेंसी की जांच हुई। इसके परिणाम चौंकाने वाले सामने आए।
डीसीपी क्राइम अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कंबोडिया के साइबर ठगों को क्रिप्टो करंसी जिस अकाउंट से ट्रांसफर हुई थी वह डिजिटल वॉलेट चीन की किसी कंपनी ने तैयार की है। आगे की जानकारी नहीं मिल पा रही है। क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन पर नजर फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट की मदद से होती है। इस पर यूएसए का नियंत्रण रहता है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।