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प्रशासन की रिकवरी नोटिस के खिलाफ जाएंगे कोर्ट, पैरवी कर रहे वकील ने एडीएम की कार्रवाई पर उठाया सवाल

Sat, 07 Mar 2020 05:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में हिंसा की तस्वीरें (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुई हिंसा केदौरान नुकसान की भरपाई के लिए एडीएम सिटी की ओर से शुक्रवार को जारी नोटिस के खिलाफ आरोपी फिर कोर्ट का रुख करने वाले हैं। केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नासिर खान का कहना है पूर्व में जारी रिकवरी नोटिस पर कोर्ट ने स्टे दिया था। 18 मार्च को अगली सुनवाई पर आकलन करने वानी कमेटी की रूपरेखा तय होने के बाद ही आगे कार्रवाई हो सकती है। लेकिन प्रशासन कोर्ट के आदेश की अवहेलना करकेमाहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है।
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हिंसा के दौरान हुए नुकसान का बिना किसी कमेटी के आकलन करके बाबूपुरवा पुलिस ने एक लाख 43 हजार रुपये की वसूली के लिए 43 लोगों को और बेकनगंज पुलिस ने 22 लोगों को दो लाख 79 हजार रुपये की वसूली का नोटिस दिया था। इस पर अधिवक्ता नासिर खान हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। कोर्ट ने कहा था कि नुकसान का आकलन मजिस्ट्रीय कमेटी या सक्षम स्तर केअफसर की अध्यक्षता में सभी विभागों के साथ मिलकर किया जाए।

नासिर खान का कहना है कि एडीएम ने कोर्ट के आदेश को केवल बाबूपुरवा पुलिस के लिए मानकर नोटिस जारी कर दिया। जबकि कोर्ट का आदेश दोनों थानों के लिए प्रभावी है। अब कोर्ट के आदेश की अवहेलना की गई है। इसके खिलाफ वह दोबारा कोर्ट जाएंगे।
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