कानपुर में डेढ़ महीने से लापता कपड़ा कारोबारी अमित केसरवानी को पुलिस ने बुधवार सुबह परिवार समेत गंगा बैराज से पकड़ लिया। वह परिवार के साथ गंगा में कूदकर खुदकुशी करने की तैयारी में था। तभी एक कारोबारी के बेटे ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी। कारोबारी पर तकरीबन 12 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसी कारण वह योजना बनाकर भागा था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
गांधी नगर सीसामऊ निवासी अमित केसरवानी पत्नी लक्ष्मी, बेटा यश व आदि और बेटी माही के साथ 12 जुलाई की शाम घर से निकला था। उसने प्रयागराज जाने की बात कही थी। दूसरे ही दिन कारोबारी दंपति के सभी मोबाइल बंद हो गए थे। परिजनों ने जानकारी जुटाई तो वह झांसी हाईवे के टोल क्रॉस करते दिखाई दिया था। आखिरी लोकेशन झांसी होने से वहीं पर उसकी गुमशुदगी दर्ज हुई थी।
16 जुलाई को वह ग्वालियर स्टेशन के पास दिखाई दिया था। तब से पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी थी। इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य ने बताया कि अमित पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाने वाले भानू सिंह के बेटे गोलू ने सुबह करीब साढ़े छह बजे अमित व उसके परिवार को गंगा बैराज पर देखा। उसने अपने पिता व पुलिस को सूचना दी। तब सीसामऊ पुलिस आनन-फानन में पहुंची और सभी को पकड़कर थाने लाए।
कर्ज बना मुसीबत
पूछताछ में अमित ने बताया कि कुछ समय पहले ही उसने लेनिन पार्क चौराहे के पास कुछ फ्लैट बनवाए हैं। उसका करीब एक करोड़ का बैंक से लोन है। वहीं उसके मकान पर सवा करोड़ सहित दर्जनों व्यापारियों से करीब दस करोड़ रुपये अमित ले चुका है। यही कर्ज उसके लिए मुसीबत बन गया। अमित ने बताया कि सूदखोरों और अन्य कारोबारियों जिनसे उसने कर्जा लिया है, उनके डर से वह भागा।