कानपुर देहात। जिले में कई प्रमुख मार्गों पर अंधे मोड़ हैं। कई जगह ऐसी भी हैं, जहां संकेतक नहीं हैं। इसके अलावा सड़कों के किनारे उगी झाड़ियां भी मुसीबत बनी हुई हैं। इन अव्यवस्थाओं के चलते हादसों का खतरा हरदम बना रहता है। कोहरे में यह और भी परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसको लेकर जिम्मेदार अनजान हैं।
मुगल रोड, सिकंदरा-झींझक मार्ग, रूरा-अकबरपुर मार्ग पर आवागमन अधिक रहता है। इन्हीं मार्गों पर समस्या भी अधिक है। कुछ जगह तीव्र मोड़ होने व हादसे होने के कारण इन्हें ब्लैक स्पाॅट भी घोषित किया गया है। मगर सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने प्रमुख मार्गों की स्थिति देखी तो कई जगह झाड़ियां उगी नजर आई। कुछ जगह जरूरत के अनुसार संकेतक नहीं दिखे। जहां संकेतक लगे थे वह झाड़ियों व पेड़ों की आड़ में छिपे दिखे।
कुछ जगह सड़कों पर कोहरे से बचने के लिए बनाई गई सफेद पट्टियां भी मिटी नजर आईं। ऐसे में दिसंबर माह में कोहरा पड़ने पर हादसों का खतरा रहेगा। सड़क सुरक्षा को लेकर होने वाली बैठकों में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए जा चुके हैं कि सड़क किनारे की झाड़ियों की साफ सफाई कराई जाए। जरूरत के अनुसार संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। इसके बाद भी कई जगह संकेतक बोर्ड नहीं लगे और न ही सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई की गई है।
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सीन-1
मुगल रोड:
मोड़ पर संकेतक बोर्ड नहीं
मुगल रोड की पड़ताल में बुधवार को अफसरिया व जल्लापुर गांव के पास तीव्र मोड़ दिखे। इन स्थानों पर कोई संकेतक लगे नजर नहीं आए। इसके अलावा सड़क किनारे दोनों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां दिखीं। ऐसे में इन स्थानों पर अक्सर दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
सीन-2
हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक
सिकंदरा-झींझक मार्ग
सिंकदरा-झीझक मार्ग पर बहबलपुर मोड़ से जैतापुर तक सड़क के किनारे झाड़ियां उग आई हैं। दोनों तरफ से आने से मार्ग ठीक से दिखता नजर नहीं आता। इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटना होती रहती है। पिछले वर्ष दो मोटर साइकिल की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई थी। इस मोड़ पर लोक निर्माण विभाग ने संकेतक भी नहीं लगा रखे हैं।
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सीन-3
अकबरपुर-रूरा मार्ग
झाड़ियों की वजह से छिपे संकेतक बोर्ड
अकबरपुर से रूरा जाने वाले मार्ग पर तिंगाई के पास कई जगह स्पीड संकेतक लगे दिखे, लेकिन पेड़ की झाड़ियों की वजह से छिपे नजर आए। वहीं अकबरपुर से हसनापुर बंबा तक कई जगह झाड़ियां भी दिखी जो सड़क तक आ गई हैं। कोहरा पड़ने पर यह हादसे की वजह बन सकते हैं।
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वर्जन.......
विभाग के मार्गों के किनारे झाड़ियों की साफ-सफाई के लिए कोई अलग से बजट नहीं है। गैंग (कर्मचारियों) के जरिये झाड़ियों की कटाई, छटाई कराई जाती है। जिन मार्गों पर समस्या है, या संकेतक नहीं लगे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर पहले राज्यमार्ग, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग में सड़क सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। - राकेश यादव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड