रागेंद्र स्वरूप सभागार में हुई बसपा की बैठक में संबोधित करते राम कुमार कुरील व अन्य।
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कानपुर। भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह के बयान से उपजे विवाद को बसपा और हवा देगी। इसी सिलसिले में गुरुवार को रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम सिविल लाइंस में जोनल कोआर्डिनेटर, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष और कैडर से संबंधित कार्यकर्ताओं की मीटिंग हुई। इसमें भाजपा पर हमला बोला गया। साथ ही कहा गया कि भाजपा जिस तरह से बेटी के सम्मान की लड़ाई लड़ रही है, उसी तरह बसपा भी लड़ेगी। आखिर बहिन जी (मायावती) भी किसी की बेटी हैं। बहिन जी की लड़ाई को गांव-गांव तक ले जाएंगे। सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
बसपा की मंडलीय समीक्षा मीटिंग गुरुवार को कानपुर में हुई। इसमें कन्नौज, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात के पदाधिकारी भी शामिल हुए। सबने यूपी के मौजूदा हालात पर चर्चा की और कहा कि बहन जी के सम्मान की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसी क्रम में ही मायावती की मंडलीय रैली कराने का फैसला हुआ। उनकी पहली मंडलीय रैली 21 अगस्त को आगरा मंडल में होगी। बहन जी अब सीधे जनता और कार्यकर्ता से संवाद स्थापित करेंगी। कानपुर मंडल की रैली अक्तूबर के बाद होगी। इसकी डेट लखनऊ में 9 अक्तूबर को प्रस्तावित बड़ी रैली के बाद फाइनल की जाएगी। राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक सिद्धार्थ और जोनल कोआर्डिनेटर डॉ. राम कुमार कुरील ने कहा कि पदाधिकारी और कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं। बताएं कि भाजपा कैसे दलितों पर अत्याचार कर रही है।
7 को कैंट के प्रत्याशी के नाम का एलान
कैंट विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी के नाम का एलान 7 अगस्त को किया जाएगा। इस सिलसिले में जाजमऊ केडीए कालोनी में मीटिंग बुलाई गई है। कैंट विधानसभा क्षेत्र डॉ. नसीम अहमद को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। डॉ. नसीम कानपुर नगर लोकसभा क्षेत्र से बसपा का चुनाव लड़ चुके सलीम अहमद के बड़े भाई हैं। इससे पहले कैंट विधानसभा क्षेत्र से समी शाह को बसपा ने टिकट दिया था लेकिन इसे काटकर अब डॉ. नसीम को दिया जा रहा है।
सम्मेलन से लगा जाम
बसपा की मीटिंग से वीआईपी रोड और कचहरी के आसपास भीषण जाम लग गया। रागेंद्र स्वरूप परफारमिंग आर्ट सेंटर के आसपास चार स्कूल भी हैं। सड़क पर ही बसपाई वाहन खड़ा करके मीटिंग में चले गए। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ा। स्टूडेंट भी जाम में फंसे रहे। यातायात पुलिस भी असहाय दिखी।