खराब काम पर बिल्हौर के बीडीओ, एडीओ पंचायत व बीईओ का वेतन रोका
डीसी निर्माण, डीसी एमडीएम व डीसी एमआईएस को कारण बताओ नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में अफसरों की लापरवाही और कमजोर मॉनिटरिंग पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जमकर फटकार लगाई। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में हुई बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत मिशन, सामुदायिक सहभागिता और मध्याह्न भोजन योजना की प्रगति सबसे खराब मिली। बीएसए ने एक भी काम की अपने स्तर पर निगरानी नहीं की। डीएम ने बीएसए को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
समीक्षा में सामने आया कि बिल्हौर और चौबेपुर ब्लॉक के कई विद्यालयों में टाइलिंग, मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट, रनिंग वाटर टॉयलेट और सीडब्ल्यूएसएन से जुड़े कार्यों में बीते चार महीनों से कोई प्रगति नहीं हुई, लेकिन इसके बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने कोई समीक्षा ही नहीं की और न ही समय पर रिपोर्टिंग की। इस लापरवाही पर डीएम ने बीएसए सुरजीत सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट नहीं चलेगी। सभी अधिकारी निर्माण कार्यों का फोटोयुक्त प्रस्तुतीकरण नियमित रूप से प्रस्तुत करें। लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
वेतन रोक, नोटिस की जारी
कार्य में ढिलाई पर बिल्हौर के बीडीओ, एडीओ पंचायत और बीईओ का दिसंबर माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
वहीं डीसी निर्माण प्रवीण पांडे को चार माह से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी उच्च अधिकारियों को न देने पर स्पष्टीकरण व चेतावनी पत्र जारी करने के आदेश दिए गए।
चार दिन नहीं बना एमडीएम, बीएस ए को पता नहीं
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में सदर बाजार क्षेत्र में चार दिन तक एमडीएम नहीं बना, फिर भी बीएसए ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी नगर शालिनी गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
डीसी एमडीएम सौरभ पांडे को बैठक में समुचित डाटा न देने पर नोटिस तथा डीसी एमआईएस को बच्चों के आधार कार्ड निर्माण में प्रगति न होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।