माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। आंगनबाड़ी भवन निर्माण में लापरवाही पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में हुई जिला पोषण समिति की बैठक में पता चला की वित्तीय वर्ष 2024–25 में स्वीकृत 151 आंगनबाड़ी भवनों में से 136 में अब तक निर्माण शुरू ही नहीं हुआ। इस पर डीएम ने डीसी मनरेगा की फटकार लगाई और स्पष्टीकरण तलब किया।
बैठक में बताया गया कि जनपद के 52 आंगनबाड़ी केंद्रों का लर्निंग लैब मॉडल के अनुरूप कायाकल्प किया जा चुका है। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत 110 केंद्रों में बाला पेंटिंग पूर्ण हो चुकी है। हालांकि पाइप वाटर योजना के अंतर्गत चयनित 79 केंद्रों में से 19 में कार्य अधूरा मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और माह के अंत तक हर हाल में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने खंड विकास अधिकारी, सीडीपीओ और एडीओ पंचायत को दो टूक चेतावनी दी कि यदि 15 जनवरी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ दीक्षा जैन, एसडीएम सदर अनुभव सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा, डीपीआरओ मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।
मातृ वंदना योजना में लापरवाही नहीं चलेगी
डीएम ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का डाटा पोषण ट्रैकर एप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।