भुगतान न होने पर शिक्षक ने कोर्ट की शरण ली थी, जिसमें फरवरी 2022 में कोर्ट से आदेश भी हुआ था। रुपये के लेनदेन न हो पाने के चलते शिक्षक का भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसी सिलसिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भुगतान करने के नाम पर कुल भुगतान का 10 प्रतिशत रुपये की मांग की थी।
इसी मामले में बीएसए ने शिक्षक को शुक्रवार शाम छह बजे के बाद दफ्तर बुलाया था। इसमें शिक्षक ने पहले से विजिलेंस कानपुर को जानकारी दे रखी थी। इसको लेकर अलर्ट हुई टीम शाम को औरैया पहुंची। कलेक्ट्रेट से दो कर्मचारियों को साथ लेने के बाद शाम छह बजे टीम बीएसए दफ्तर जा पहुंची।
पहले शिक्षक को रुपये लेकर भेजा गया। जैसे ही शिक्षक ने दफ्तर में बैठे बीएसए को रुपये दिए, उसी समय टीम ने उन्हें 50 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। इस संबंध में सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस टीम रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर कागजी कार्रवाई कर रही है।
बीएसए को पकड़ने के लिए टीम ने किया तीन घंटे इंतजार
विजिलेंस टीम के हत्थे चढ़े रिश्वतखोर बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार तिवारी को अचानक निरीक्षण पर चले जाने के कारण पकड़ने के लिए विजीलेंस टीम को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। विपिन कुमार ने जून 2022 में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद से स्थानांतरित होकर औरैया बीएसए का चार्ज संभाला था।
बीएसए ने राधाचरन को रिश्वत लेने के लिए दोपहर दो बजे बुलाया था। उनकी सूचना पर विजिलेंस टीम भी औरैया समय पर पहुंच गई थी, लेकिन अचानक बीएसए एडी बेसिक के साथ अयाना में निरीक्षण करने चले गए। तीन घंटे बाद लौटने पर विजिलेंस टीम दोबारा सक्रिय हुई और बीएसए को रंगे हाथों धर दबोचा।