यूपी में एक महिला और उसकी 10 वर्षीय धेवती की बेहद बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या कर दी गई। इस प्रकरण के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहोल बना हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। आग की तरह फैली इस खबर से मौके पर जमघट लग गया है।
सिर पर फावड़ा चलाने के निशान
डेमो
इटावा जिले के जसवंतनगर ग्राम भीकनपुर में कप्तान सिंह यादव का परिवार रहता है। परिवार में कप्तान सिंह की पत्नी ऊषा देवी उम्र 55 वर्ष एवं उनकी धेवती 10 वर्षीय अन्नू साथ में रहती है। कप्तान सिंह खेतों पर ही सोता है। रात में उसकी पत्नी एवं धेवती ही घर में रहती थी।
रविवार की सुबह कप्तान सिंह दूध लेकर खेतों से घर पहुंचा तो दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य देखकर सहम उठा।
पत्नी और धेवती के खून से लथपथ शव पड़े थे। सिर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। सिर और शरीर पर फावड़ा जैसे धारदार हथियारों के प्रहार के निशान मिले है। एसएसपी समेत क्षेत्र के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
घटना में पारिवारिक भतीजे और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कप्तान सिंह पुत्र फतेह सिंह की तहरीर पर पुलिस ने उनके ही पारिवारिक भतीजे राकेश उर्फ कजरी पुत्र रामस्वरूप यादव सहित अन्य साथियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। रिपोर्ट में हत्या के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए गांव से चार लोगों को हिरासत में लिया है। एसएसपी शिवहरी मीना ने कहा कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
बचपन से ही नानी के साथ रहती थी अन्नू
जसवंतनगर। कप्तान सिंह के दो पुत्र सीटू व आदेश हैं, जो गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। एक पुत्री अनीता है, जिसकी शादी गणेशपुर मैनपुरी में हुई है। अनीता की पुत्री अन्नू बचपन से ही नानी के साथ ग्राम भीखनपुर में ही रहती थी। हत्यारों ने नानी के साथ उस मासूम को भी नहीं बख्शा।
दोहरा हत्याकांड बना पहेली
डबल मर्डर में ये सुराग नहीं लग पा रहा है कि हत्या क्यों की गई। घर में लूट का कोई मामला प्रतीत नहीं हो रहा है। गृहस्वामी के अनुसार उसकी किसी से रंजिश भी नही थी। मकान में निर्माण का काम चल रहा है। यहां फावड़ा, खुरपी, वसूली आदि सामान पड़ा था। हत्यारों ने नानी और मासूम की हत्या में फावड़ा, खुरपी और वसूली का प्रयोग किया। क्योंकि तीनों ही सामान मौके से खून से सने मिले हैं। पुलिस ने उन्हें सील कर सुरक्षित कर लिया है। नानी और धेवती के चेहरों और शरीर को इन्हीं धारदार हथियारों से बुरी तरह कुचला गया है।
सीढ़ी के सहारे निकले हत्यारे
घटना वाले घर के बगल में सीढ़ी लगी थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने वहीं से घर मेें आने जाने का काम किया। सीढ़ी के पास खून के छींटे भी पड़े दिखे। घटना वाले मकान के आसपास खेतों मेें आलू की कटाई चल रही थी। किसी को भी इस घटना की न तो भनक लगी और न घर में किसी को आते जाते देखा गया।
टूटे कमरे में नानी की हत्या की
कप्तान सिंह के घर में पिछले कुछ दिनों से काम चल रहा था। घर के एक कमरे की गाटर पटिया की छत को हटाकर लेंटर डाला जाना था। इसके लिए मजदूर भी लगे थे। उषा के शव को खींचकर हत्यारों ने उसी टूटे कमरे में ले जाकर डाला। वहां पर काफी ईंट तथा हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, खुर्पी, सरिया, वसूली पड़ी मिली।
परिचित होंगे हत्यारे!
हत्यारे घर में चाहे जिस तरह से भी प्रवेश किए हों लेकिन वेपरिचित ही रहे होगे। क्योंकि कमरे का दरवाजा तभी खोला गया होगा अन्यथा शायद नहीं खुलता। ऐसा मानना है कि परिचित होने के कारण ही मासूम अन्नू की भी हत्या कर दी गई।