तांत्रिक और उसके शिष्य ने वारदात को दिया अंजाम
यूपी में फतेहपुर जिले के नंदापुर गांव से अपहृत 22 महीने की कंचन की हत्या में बिंदकी कोतवाली पुलिस ने एक तांत्रिक और उसके चेले को गिरफ्तार किया है। धारदार हथियार भी बरामद हुआ। सिद्धि पाने के लिए सिरफिरे तांत्रिक व उसके चेले ने इस वारदात को अंजाम दिया था। अपहरण के 24 घंटे बाद हत्या की गई। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नंदापुर गांव की मुकेश कुशवाहा की बेटी कंचन 21 मार्च की शाम गांव में बच्चों के साथ फाग में शामिल होने गई थी। घर लौटते समय रास्ते में बच्चों से वह बिछड़ गई थी। तभी उसका अपहरण हो गया था। परिजनों ने खोजबीन के बाद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि वह पहले मुर्गा व बकरे की बलि देता था
उसका 25 मार्च को शव सैमसी गांव किनारे नाले से बाहर बरामद हुआ था। एक हाथ व एक पैर कटा था। सैमसी गांव के एक तांत्रिक पर आरोप लगाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने बिंदकी कोतवाली के सदान बदान तिराहा के पास से गुरुवार को सैमसी गांव के हेमराज तांत्रिक और उसके चेले शिव प्रकाश उर्फ ननकू रैदास निवासी सेलावन को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बच्ची की हत्या करना कबूल किया। अपहरण होली की परेवा की शाम के समय किया था। बच्ची की बलि दूज को देनी थी। उसे अपहरण की रात ही नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया था। जिससे कमरे में बच्ची शांत पड़ी रही।
तांत्रिक ने हाथ और पैर को काट डाला
दूज की शाम कमरे में बच्ची को लिटाया और तांत्रिक ने पूजापाठ शुरू की गई। उसके बाद बलि देने के लिए सिर में डंडे से हमला किया गया। बच्ची के सिर से खून नहीं निकला। तब तांत्रिक ने गड़ासे(धारदार हथियार) से बायां हाथ और पैर को काट डाला। उसके साथ चेला हाथ-पैर को पकड़े रहा।
हत्या के बाद दोनों शव को कपड़े में लपेट कर ननकू की बाइक से सात सौ मीटर दूर नाले में फेंक आए थे। तीन दिन बाद उसी नाले से शव को नाले से कुत्ते घसीट कर बाहर निकाल लाए तो लोगों को पता चला। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि वह पहले मुर्गा व बकरे की बलि देते आया है। अधिक शक्ति पाने के लिए पहली बार लड़की की बलि दी है। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है। इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।