भीतरगांव के एक युवक रोहित (30) को हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया। बुखार के साथ उसकेे गुर्दों में भी दिक्कत रही है। दलाल उसके परिजन को बहकाता रहा। अगले दिन पैथोलॉजी की रिपोर्ट आने के पहले परिजन उसे निजी एंबुलेंस से लेेकर कल्याणपुर नर्सिंगहोम चले गए। हैलट में उसे लामा दिखा दिया गया। बाद में रोगी के परिजन ने बताया कि युवक को चार दिन भर्ती रखा। साढ़े पांच लाख रुपये का बिल बना दिया। जब पैसे खर्च हो गया तो कहा कि उर्सला में फ्री में डायलिसिस होती है, वहां ले जाइये।
ऐसा मिलता है कमीशन
दलालों को एक रोगी का कमीशन एक हजार से पांच हजार रुपये तक मिलता है। एक दलाल ने बताया कि सिजेरियन प्रसव का एक केस ले जाने पर पांच हजार रुपये मिलता है। सामान्य रोगियों पर एक हजार से तीन हजार तक मिल जाता है। रोगी का हॉस्पिटल स्टे अगर अधिक है तो पैसा ज्यादा मिलता है।
रोगियों को दलाल नर्सिंगहोमों को कमीशन पर बेच रहे हैं। इसमें निजी एंबुलेंस वालों का भी गिरोह सक्रिय है। एक एंबुलेंस वाले के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है। इसमें कोई डॉक्टर या अस्पताल का स्टाफ शामिल नहीं है। बाहरी तत्व रोगियों के तीमारदारों को बहका देते हैं। वे रोगी को लेकर नर्सिंगहोम ले जाते हैं। जब सारा पैसा खत्म हो जाता है तो फिर हैलट भागकर रोते हुए आते हैं। यह बड़ी समस्या है। इसको लेकर सख्ती कर रहा हूं। दलालों को पकड़ कर एफआईआर करवाऊंगा। - डॉ. आरबी कमल, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज