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करोड़ों के घपलेबाजों को जेल में वीआईपी सुविधाएं, उदय देसाई और राहुल कोठारी सेटिंग कर अस्पताल में हो गए शिफ्ट

Sun, 31 Jan 2021 10:36 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विक्रम कोठारी, उदय देसाई - फोटो : अमर उजाला
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सात हजार करोड़ से ज्यादा का बैंक घोटाला करने वाले आरोपी उदय देसाई और राहुल कोठारी को जेल में शुरू से ही वीआईपी सुविधाएं दी गईं। काफी समय तक जेल अस्पताल में भी रहे और उसके बाद हैलट फिर उर्सला के प्राइवेट वार्ड में भर्ती हो गए।
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इसके बाद जुगाड़ लगाकर लखनऊ के अस्पतालों में शिफ्ट हो गए। जेल प्रशासन का रवैया शुरू से ही दोनों के प्रति नरम रहा। कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेकर जेल अधीक्षक को तलब किया है। रोटेमैक के मालिक विक्रम कोठारी, उनका लड़का राहुुल कोठारी, हीरा कारोबारी उदय देसाई, लड़का सुजॉय देसाई समेत अन्य आरोपी बैंक घोटाले में फंसे हैं।

एसएफआईओ (सीरियस फॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस) ने 20 मार्च 2020 को मुंबई से उदय देसाई को गिरफ्तार किया था। उसे कानपुर जेल भेजा गया था। राहुल कोठारी पहले से ही बंद था। जेल पहुंचने के कुछ दिन बाद ही उदय व राहुल जेल अस्पताल में शिफ्ट हो गए थे।
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यहां पर उनको सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती रहीं। काफी समय तक जेल अस्पताल में रहने के बाद सितंबर 2020 में दोनों को हैलट में भर्ती किया गया। यहां असुविधा हुई और एक आईएएस की पैरवी पर दोनों उर्सला के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट हो गए। यहां से कुछ दिन पहले ही एक को लखनऊ के केजीएमयू व दूसरे को एसजीपीजीआई में शिफ्ट किया गया। कुल मिलाकर जेल से भी दोनों का खेल चलता रहा। 

पैसा खर्च करो, जेल में पूरी सुविधाएं
जेल में हाई प्रोफाइल केस से जुड़े आरोपियों की खूब खातिरदारी होती है। इसको लेकर बड़ा खेल चल रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ समय पहले जेल से छूट के एक बंदी ने बताया कि रकम खर्च करो तो जेल प्रशासन पूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाता है।

यही वजह है कि उदय देसाई व राहुल कोठारी जैसे आरोपी जेल में भी मौज करते हैं। यही नहीं इसी तरह की सुविधाएं पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपियों को भी मिल रही थी। खबर प्रकाशित होने के बाद पांचों आरोपी जेल अस्पताल से बैरक में शिफ्ट किए गए।
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