फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: जानलेवा साबित हो रहे हाईवे के टूटे क्रैश बैरियर

Thu, 09 Jul 2026 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। कानपुर-झांसी हाईवे पर टूटे क्रैश बैरियर जानलेवा साबित हो रहे हैं। लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मेदार सबक लेने को तैयार नहीं है। हालांकि कागजों में सुरक्षा के इंतजाम मजबूत हैं। इधर मंगलवार रात मांवर के पास हुए हादसे में दो लोगों की मौत ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।
विज्ञापन

सड़क सुरक्षा के दावों की हकीकत जांचने के लिए बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने कानपुर-झांसी हाईवे पर बारा जोड़ से कालपी पुल तक आने-जाने वाले दोनों तरफ हाईवे पर करीब 40 किलोमीटर की पड़ताल की। इस दौरान कई जगह संकेतक, रिफ्लेक्टर, रेडियम टेप व हाईवे से सफेद पट्टी गायब मिली। हाईवे डिवाइडर के बीच में सुरक्षा के लिए लगाए क्रैश बैरियर 22 जगहों पर टूटे मिले। इस दौरान जो तस्वीरें सामने आईं वे बेहद चिंताजनक हैं।
पड़ताल में कई संवेदनशील मोड़ों और खतरनाक ढलानों पर लगे मेटल क्रैश बैरियर पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिले। कई जगह तो नुकीले और धारदार बैरियर जमीन से कई फीट ऊपर उठे नजर आए। स्थिति यह थी कि अगर कोई वाहन अनियंत्रित होता है तो यह बैरियर उसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रहेंगे। वहीं कई जगहों पर लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार इन्हें काट कर अलग कर दिया या फिर तोड़ कर मोड़ दिया है। टूटे और मुड़े क्रैश बैरियर भी जानलेवा हैं। जरा सी चूक होने पर ये क्रैश बैरियर राहगीरों की जान ले सकते हैं। हालांकि जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
विज्ञापन

यही वजह रही कि मंगलवार रात मांवर और गौराडाडा गांव के बीच जालौन से लौट रहे कार सवार अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर से टकरा गए। क्रैश बैरियर कार को फाड़ता हुआ आर-पार हो गया और हादसे में दो मजदूरों की जान चली और तीन लोग घायल हो गए। हद तो तब हो गई जब इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी बुधवार को घटना स्थल पर टूटा क्रैश बैरियर हादसे का सबब बना रहा। वहीं, अन्य स्थानों की भी जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली।
........................
.................
सीन-1
कानपुर से बारा जोड़ की तरफ आने पर गौराडाडा का पर एक टूटा क्रैश बैरियर जमीन से करीब चार फीट ऊपर उठा मिला। यह रात के अंधेरे में बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस पर रेडियम, रिफ्लेक्टर भी नहीं लगा था। स्थानीय लोगो के मुताबिक इसे कुछ लोगों ने सुविधा के अनुसार काफी समय पहले तोड़ दिया था।
.....................
सीन-2
मावर नदी से पहले रेलवे लाइन किनारे से आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया क्रैश बैरियर करीब 12 फीट टूटा मिला। बीच की हिस्सा गायब था। यहां पर कच्ची मिट्टी की फिसल थी इसके अलावा पानी भी भरा मिला। यहां संकेतक के तौर पर दो प्लास्टिक के अवरोधक रखे थे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से ये नाकाफी साबित होंगे।
.......................
सीन-3
कानपुर से झांसी जाने वाली लेन पर सेंगुर नदी पुल से मावर के पास तीव्र मोड़ है। आगे चलकर कर ढलान भी है। इसी जगह सड़क किनारे लगा क्रैश बैरियर टूटा मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक इससे खनन के लिए वाहन निकलते है। इसे कई बार बंद कराया गया है लेकिन इसे लोग तोड़ देते हैं।
...................
हादसे को न्योता दे रहे क्रैश बैरियर
संवेदनशील मोड़ों और खतरनाक ढलानों पर क्रैश बैरियरों की हालत हादसे को न्योता है। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई पहल नहीं दिख रही। जिम्मेदारों की अनदेखी ही मंगलवार रात हादसे की वजह बनी। कई बार सड़क सुरक्षा को लेकर शिकायतें भी की जा चुकी है। - शशिकांत शुक्ला, छतेनी
................
काफी समय से सड़क जर्जर और क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त थे, सड़क तो ठीक करा दी गई लेकिन क्रैश बैरियर आज दिन तक नहीं सुधारे गए। हालांकि टूटे क्रैश बैरियर के बारे में कई बार संबंधित विभागों को अवगत करवाया गया। बावजूद इसके कोई उचित कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। - असद, मावर
......................
बयान...
कुछ जगहों पर क्रैश बैरियर टूटे हैं। इनकी मरम्मत व बदलने के लिए मटेरियल आ गया है। क्रैश बैरियर सही करने के लिए बुधवार को टीम भी आ गई है। टीम निरीक्षण कर टूटे क्रैश बैरियर को बदलने व मरम्मत का काम करेगी। जिन जगहों पर लोगों ने क्रैश बैरियर तोड़ दिए हैं लोगों से जानकारी कर उन्हें चिह्नित कर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट भी प्रशासन को भेजी जा रही है। - उत्तम सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआई, कानपुर-झांसी हाईवे
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें