निर्माणाधीन सरैनी पुल की प्रगति देखते राज्य मंत्री अजीत पाल व सेतु निगम के अधिकारी।
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राजपुर (कानपुर देहात)। खोजारामपुर में जालौन जिले को जोड़ने के लिए यमुना पर सरैनी पुल बनाने का काम दो साल बाद फिर शुरू हो गया है। निर्माणाधीन सरैनी पुल के लिए प्रदेश सरकार ने 17 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मार्च 2021 तक काम पूरा कराना है। काम गुरुवार को इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल ने सेतु निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
2010 में पुल का काम शुरू हुआ था। निर्माण के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार को 53 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन की ओर से दो किस्त में 49 करोड़ रुपये निर्माण के लिए दे दिए गए थे। पुल निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचकर बजट के अभाव में लटक गया था। 2015 तक 1350 मीटर पुल के सापेक्ष 870 मीटर तक पुल तैयार हो गया था। 29 कोठारी बनकर तैयार हो गई है। कानपुर आईआईटी के इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद पुल की लंबाई बढ़ाने का सुझाव दिया था। पांच कोठारी के निर्माण के लिए बजट न होने के कारण काम बंद हो गया था। अब 17 करोड़ रुपये और मिल गया है।
सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बांके राम व एई प्रदीप कुमार ने राज्य मंत्री को बताया कि इस समय 29 कोठारी के साथ 870 मीटर पुल का निर्माण हो चुका है। राज्य मंत्री ने कहा कि पुल चालू होने के बाद कानपुर देहात से जालौन जिला जुड़ जाएगा। इससे दूरी कम होगी। बाद में हुई बैठक में ग्रामीणों ने बीहड़ पट्टी में छुट्टा मवेशियों की समस्या राज्यमंत्री के सामने रखते हुए गो आश्रय स्थल बनवाने की मांग उठाई। उन्होंने ग्रामीणों को बीहड़ पट्टी में आवागमन के लिए सड़क निर्माण और गो आश्रय स्थल बनवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि आदित्य कटियार, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र मिश्र, जमीपाल सिंह, कांतिवीर सिंह, बब्बन दीक्षित, कुलदीप सिंह, टिंकल पाल, जयवीर सिंह मौजूद रहे।