रिश्तेदारों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। ये बात जब दुल्हन को पता चली, तो वह परेशान होकर बेहोश हो गई। उसे लेकर जिला अस्पताल गए। तब दूल्हा पक्ष ने कहा कि युवती को बीमारी है, वह शादी नहीं करेंगे। कहने लगे कि उसकी तबियत सही हो जाए, तो विदा करा लेंगे। इसके बाद बरात वापस चली गई।
26 जून को जब वह हरचंदपुर उनके पास गए, तो उन्होंने उन्हें भगा दिया। बताया कि शादी में अब तक तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। वहीं, थाना प्रभारी आशीष यादव ने बताया कि दहेज की कोई मांग नहीं है। दुल्हन की तबियत खराब हो गई थी, जिसके चलते वर पक्ष ने शादी से इनकार किया है। मामले की जांच की जा रही है। वर पक्ष से खर्च देनें या फिर दुल्हन को विदा कराकर ले जाने को कहा गया है।