कानपुर में रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव अकेला नहीं है। इस खेल में पर्दे के पीछे और भी कई अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। इसी आशंका के चलते सीबीआई ने फिर से क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय सर्वोदय नगर पहुंचकर असिस्टेंट कमिश्नर अक्षय भार्गव, पीएफ इंस्पेक्टर तक घूस की रकम पहुंचाने वाले कंसल्टेंट और शिकायत करने वाले स्कूल संचालक जयपाल सिंह के बयान लिए हैं। अभी कई और अफसर रडार पर हैं, जिनसे सीबीआई जल्द आकर पूछताछ कर सकती है।
दरअसल, स्कूल संचालक पर सेवन-ए की कार्रवाई करते हुए 50 लाख का आयकर निर्धारण किया गया था। इस मामले को निपटाने के लिए ही तीन लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी। चूंकि पीएफ इंस्पेक्टर का काम केवल भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट लगाना होता है। सेवन-ए का नोटिस असिस्टेंट कमिश्नर जांच-पड़ताल के बाद जारी करता है। मामले में सेक्शन सुपरवाइजर रोहित श्रीवास्तव की भी भूमिका संदिग्ध है।