इसके बाद लाइट रिफ्रेशमेंट के नाम पर चाय के साथ बिस्कुट या समोसा फ्री। रात में फुल डिनर है। वेज में सूप, पनीर की सब्जी, सूखी सब्जी, मिक्स वेज या भिंडी व पराठे, चपाती के अलावा प्लेन राइस, पुलाव या जीरा राइस में एक मिलता है। दाल-पराठा चावल का भी विकल्प है। नॉनवेज में चिकन है। दही के अलावा मीठे में गुलाब जामुन या रसगुल्ला फ्री है। इसका फायदा भी ट्रेन को मिला है। यात्रियों की संख्या बढ़ी है।
शताब्दी का किराया बढ़ा, तेजस का सफर सस्ता
तेजस एक्सप्रेस ने यात्रियों को लुभाने के लिए जहां 40 प्रतिशत तक बुकिंग होने पर बेस फेयर न बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं शताब्दी एक्सप्रेस में फ्री खाना-पीना बंद करने के बाद भी किराया नहीं घटाया और बेस किराया बढ़ा देने से यात्रियों को दिल्ली जाने और वहां से आने में उतना ही किराया देना पड़ेगा। तेजस एक्सप्रेस में कानपुर से दिल्ली जाने में चेयरकार का बेस किराया शुक्रवार और सोमवार को 780 रुपये और शनिवार, रविवार को 850 रुपये है। स्वर्ण शताब्दी का किराया 965, रिवर्स शताब्दी का 715 रुपये है।
कोरोना के नाम पर ये सुविधाएं भी खत्म
कोरोना के बाद ट्रेनों का संचालन रेलवे ने कोविड स्पेशल बनाकर करना शुरू किया। इसमें कई छूट खत्म कर दी गईं। मसलन रिजर्वेशन कराने पर सीनियर सिटीजन, दिव्यांग जनों और विद्यार्थियों को मिलने वाली छूट खत्म हो गई। पिछले तीन-चार दिनों में जो पैसेंजर ट्रेनें शुरू की गई हैं, उनका किराया मेल-एक्सप्रेस जैसा है। कानपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली मेमू का लखनऊ का किराया पहले 20 रुपये था, अब जनरल टिकट 45 रुपये का है।
क्योंकि कारपोरेट सेक्टर की ट्रेन है तेजस
शताब्दी एक्सप्रेस समेत सभी ट्रेनों पर भारतीय रेलवे का नियंत्रण है। जबकि लखनऊ-नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस एक कारपोरेट सेक्टर यानी निजी सेक्टर की ट्रेन है। इसे आईआरसीटीसी संचालित कर रहा है। इसकी सुविधाएं, किराया समेत सभी चीजें आईआरसीटीसी ही निर्धारित करता है। रेलवे ने कई अन्य रेल रूटों पर भी 2023 में प्राइवेट सेक्टर की ट्रेनों को चलाने की फैसला लिया है। इस संबंध में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल अध्यक्ष मान सिंह का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए रेलवे यह सब फैसले कर रही है।
शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में पानी की बोतल न मिलने जैसी सुविधाओं की जानकारी के बारे में वाणिज्यिक विभाग से पूछा जाएगा। अभी कोविड स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं।
अजीत कुमार सिंह, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे
तेजस एक्सप्रेस में कुक्ड फूड यात्रियों को परोसने की अनुमति है। 40 प्रतिशत तक सीटों की बुकिंग में बेस किराये में कोई फ्लैक्सी फेयर लागू नहीं है। किराये में खान-पान की सभी सुविधाएं पहले की तरह फ्री हैं।
अनिल गुप्त, क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी