कानपुर देहात। अकबरपुर के आलमचंद्रपुर स्थित इंक्यूबेशन सेंटर में नवरात्र से बिक्री के लिए ब्रेड बनना शुरू होगी। इसकी तैयारी कर ली गई है। ब्रेड बनाने में सहयोग करने व सीखने की इच्छुक महिलाओं से संपर्क किया गया है। इससे रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। फिलहाल चार थोक कारोबारी ब्रेड खरीदने के लिए तैयार हैं।
आलमचंद्रपुर में करीब एक करोड़ की लागत से इंक्यूबेशन सेंटर बना है। यहां करीब ढाई करोड़ रुपये से बेकरी, पेठा और दूध उत्पाद तैयार करने वाली मशीनें लगाई गई है। गुजरात की मन फूड्स कंपनी को प्लांट संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। अत्याधुनिक प्लांट में लगी मशीनों का ट्रायल पनीर, पेड़ा, रबड़ी और ब्रेड, बिस्किट व पाव आदि बनाकर देखा जा चुका है। मशीनों व खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद बनाने का उत्पादन ट्रायल भी पूरा हो चुका है। अब यहां बनने वाले उत्पाद खुले बाजार में बेचे जाएंगे। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। शुरुआत में तैयार उत्पाद की बिक्री के बाद धीरे-धीरे आइटम बढ़ाने की रूपरेखा तय की गई है।
इसी क्रम में यहां बनी रबड़ी, पेड़ा, पनीर, खोया, दही, पेठा व अन्य उत्पाद की आउटलेट बनाकर कानपुर शहर व अकबरपुर में बिक्री करने की भी योजना है। इंक्यूबेशन सेंटर में उत्पादन शुरू करने की पहल नवरात्र से होगी। तय किया गया है कि सबसे पहले यहां ब्रेड बनाई जाएगी। इसकी बिक्री के लिए चार थोक कारोबारियों से संपर्क भी हो गया है। वहीं ब्रेड बनाने में सहयोग करने के लिए और बेकरी उत्पाद बनाना सीखने की इच्छुक महिलाओं से संपर्क किया गया है। यहां काम करने वाली महिलाओं को दैनिक मजदूरी भी दी जाएगी।
जानकारों का कहना है कि प्रति वर्ष यहां करीब एक हजार महिलाओं व युवाओं को बेकरी, पेठा व दूध उत्पाद प्रसंस्करण प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य है। प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क होगा। इंक्यूबेशन सेंटर के प्लांट ऑपरेटर नितिन कुमार व पुनीत सिंह ने बताया कि मशीनों के ट्रायल रन और इसके बाद उत्पाद बनाकर ट्रायल रन पूरा कर लिया गया है। दो-तीन दिन बाद नवरात्र पर ही यहां ब्रेड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी है। यहां बनाई गई ब्रेड की बिक्री के लिए थोक कारोबारियों ने रुचि दिखाई है। धीरे-धीरे यहां उत्पाद की रेंज बढ़ाई जाएगी।
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बयान......
इंक्यूबेशन सेंटर में मशीनों व उत्पाद का ट्रायल रन पूरा हो गया है। अब यहां नवरात्र से बिक्री के लिए बेकरी उत्पादन की शुरुआत होने जा रही है। इसी के बीच ही इच्छुक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं व युवा खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण ले सकेंगे। बेकरी उत्पादों की बिक्री की स्थिति के अनुसार अन्य उत्पादों की रेंज बढ़ाई जाएगी। जल्द की दूध व पेठा उत्पाद भी बनाए जाएंगे। - डॉ. बल्देव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी