कानपुर देहात। मुजफ्फरनगर में नशे में धुत हेड कांस्टेबल द्वारा गोली मारकर शिक्षक की हत्या को लेकर जिले के शिक्षकों में खासी नाराजगी रही। अकबरपुर व पुखरायां में यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर शिक्षकों (परीक्षकों) ने शोकसभा कर धरना दिया। इस दौरान नारेबाजी की। पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये मुआवजा, आश्रित को नौकरी और शिक्षकों से कॉपियों के बंडल जमा कराने से मुक्त करने की मांग की। डीआईओएस ने दोनों केंद्रों पर पहुंच कर शिक्षकों को समझाया। शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री को संबोधित संयुक्त ज्ञापन सौंपा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। इधर सोमवार को मुजफ्फरनगर में उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने वाराणसी से आए सहायक शिक्षक की उनके ही दस्ते के साथ चल रहे हेड कांस्टेबल ने कारबाइन से गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी। मंगलवार को सुबह दस बजे अकबरपुर इंटर कॉलेज और पुखरायां में जीजीआईसी इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पहुंचे डीएचई व परीक्षकों ने सहायक अध्यापक की हत्या के विरोध में मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। इससे पूर्व पुखरायां केंद्र पर हिंदी अंग्रेजी टाइपिंग विषय की 197 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ही हो सका था। सभी परीक्षक कक्षों से बाहर आ गए। अकबरपुर केंद्र पर डीएचई व परीक्षकों ने धरना देकर नारेबाजी की। कहा कि शिक्षकों से पल्लेदारी (उत्तर पुस्तिकाएं ढुलाई) न कराई जाए। मृतक शिक्षक के परिवार को 5 करोड़ रुपये मुआवजा, आश्रित को नौकरी की मांग की। प्रधानाचार्य भारत सिंह ने बताया कि मूल्यांकन कार्य स्थगित रहा। इधर पुखरायां संवाद के अनुसार मूल्यांकन केंद्र पर शिक्षकों ने नारेबाजी कर विरोध किया। इसके साथ ही शोकसभा की। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह भदौरिया, मंत्री वीके मिश्रा, ठकुराई गुट के जिलाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, पांडेय गुट के जिला मंत्री जयराम बाबू, चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, पांडेय गुट के वित्त विहीन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भदौरिया व वित्त विहीन शिक्षक संघ के अनुपम व जयदीप यादव की ओर से ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा गया। डीआईओएस अचल कुमार मिश्र ने बताया कि परीक्षकों से वार्ता की गई। मंगलवार को मूल्यांकन बहिष्कार रहा। बुधवार को मूल्यांकन कार्य पूर्ववत होने की उम्मीद है।