शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर आ गए। पड़ोसियों ने घटना की सूचना चंद्रशेखर को दी। चंद्रशेखर ने बताया कि राजीव एक साल से महंगे एंड्रॉयड मोबाइल की जिद कर रहा था। उसने इसी महीने उसे मोबाइल दिलाने का आश्वासन दिया था। क्या पता था कि मोबाइल न मिलने पर वह ऐसा कदम उठा लेगा। कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पिता की मजबूरी की उसकी दुश्मन बन गई। उसे क्या पता था कि बेटा मोबाइल न मिलने पर खुदकुशी कर लेगा। चंद्रशेखर के पास नाम मात्र की जमीन है। वह राजगिरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। इसके बाद अन्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम नहीं था। इसकी वजह से वह बेटे राजीव को मोबाइल दिलाने का आश्वासन दे रहा था।