शनिवार शाम लखनऊ के एक वकील के साथ आयुष घर लौट आया। आयुष के लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। रविवार को भाई दीप कुमार के साथ आयुष कोतवाली पहुंचा, जहां कोतवाल जगदीश यादव व विवेचक राम केवल ने आयुष से पूछताछ की। आयुष ने बताया कि वह काम के बोझ से परेशान होकर किसी को बिना कुछ बताए घर से निकल गया था। उसका फोन हैंग कर रहा था, इस लिए उसे फॉरमेट कर घर पर ही छोड़ दिया था।
आयुष ने महिला अधिकारी से काम के सिलसिले में बात होने की बात कही है। बताया कि वह सोमवार को सबसे पहले लखनऊ गया, वहां से हरदोई आया और हरदोई से ट्रेन से दिल्ली पहुंचा। बताया कि दिल्ली से वह आगरा, फिर हरियाणा के रोहतक व वहां से जींद गया। घर व परिजनों की चिंता होने पर शनिवार को वह लखनऊ वापस आया और वहां से घर आ गया। कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।