बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में झाड़-फूंक के नाम पर 10 वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म किया। घटना का खुलासा तब हुआ जब बालक ने दोबारा ओझा के पास जाने से इन्कार कर दिया और परिजनों के बार-बार पूछने पर पूरी आपबीती बताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी ओझा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बुजुर्ग ने सोमवार देर रात थाने पहुंचकर तहरीर दी। आरोप है कि गांव का ही रहने वाला मंगेश तिवारी, जो झाड़-फूंक और ओझाई का काम करता है, छह जून की रात करीब आठ बजे उनके 10 वर्षीय नाती को झाड़-फूंक कराने के बहाने अपने कच्चे मकान में ले गया। वहां उसने बालक के साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना के बाद बालक को किसी से कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी और भय के कारण बालक कई दिनों तक चुप रहा।
बालक ने रोते हुए पूरी घटना परिजनों को बताई
परिजनों ने सोमवार को जब उसे फिर से झाड़-फूंक के लिए ओझा के पास भेजने की बात कही गई, तो वह घबरा गया और जाने से साफ इन्कार कर दिया। परिजनों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। काफी समझाने और पूछताछ करने पर बालक ने रोते हुए पूरी घटना बता दी। इसके बाद परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बालक को लेकर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी मंगेश तिवारी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट की सुसंगत धाराओं सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया है।
मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि पीड़ित बालक का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपी ओझा की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। घटना के बाद गांव में आक्रोश और चर्चा का माहौल बना हुआ है।