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भविष्य अंधकार में देख आगबबूला हुए सैकड़ों बोर्ड स्टूडेन्ट

Sat, 18 Mar 2017 10:06 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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हंगामा करते बोर्ड परीक्षार्थी - फोटो : ओपी वाधवानी
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भविष्य अंधकार में देख कानपुर के बोर्ड परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों का गुस्सा शुक्रवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया। सैकड़ों की संख्या में आये छात्र-छात्राओं ने कानपुर के चुन्नीगंज स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं लेकिन 100 से ज्यादा स्टूडेंटों को दूसरे का प्रवेश पत्र थमा दिया गया। नाम और पिता के नाम के साथ पूरी डिटेल ही गलत छपी होने की वजह से उन्हें अब परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।  दूसरी ओर जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपनी गलती को छुपाने के लिए इस बड़ी लापरवाही का ठीकरा उल्टा छात्रों के ही सिर पर ही फोड़ दिया है। डीआईओएस विनय मोहन ने इस मामले की जांच में फर्जीवाड़े की बात कहते हुए स्कूल प्रबंधक के साथ ही सभी स्टूडेंटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए नौबस्ता थाने में तहरीर दे दी है।  
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ये है पूरा मामला
कानपुर के सिद्दीक फैज ए आम इंटर कॉलेज, परेड में गुरुवार को पहले दिन ही हिंदी की परीक्षा में 42 ऐसे स्टूडेंट पकड़े गए थे जो दूसरे का प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे। मामले की जानकारी मिलते ही डीआईओएस जांच करने मौके पर पहुंचे। इस दौरान स्टूडेंटों ने जमकर हंगामा किया। डीआईओएस की अनुमति पर केंद्र व्यवस्थापक ने सभी स्टूडेंटों को परीक्षा दिलाई। डीआईओएस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। अब अगली परीक्षाओं में इन्हें नहीं बैठने दिया जाएगा। इसी बात को लेकर आक्रोशित छात्रों ने शुक्रवार को डीआईओएस का घेराव करने के साथ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। 
परेड स्थित सिद्दीक फैज ए आम इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल मोइनुल इस्लाम ने बताया कि उनके स्कूल में नौबस्ता के ईश्वरानंद शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के 143 इंटर के स्टूडेंटों का सेंटर बनाया गया है। परीक्षा से पहले प्रवेश के दौरान स्टूडेंटों की जांच की गई तो 42 स्टूडेंटों के प्रवेश पत्र में नाम, पिता का नाम गलत होने के साथ ही प्रवेश पत्र में स्कैन होने की बजाए फोटो भी अलग से चस्पा की गई थी। वहीं 41 अनुपस्थित थे।  परीक्षा देने आए स्टूडेंटों ने बताया कि स्कूल प्रबंधक ने 20-20 हजार रुपये लेकर इंटर का फॉर्म भराया था। एडमिट कार्ड लेने पहुंचे तो किसी और का थमा दिया। इसके साथ ही भरोसा दिलाते हुए कहा कि बोर्ड से डाटा फीडिंग में कुछ गड़बड़ी हो गई है। जल्द ही यूपी बोर्ड के अफसरों से बात करके सुधार करा दिया जाएगा। प्रिंसिपल मोइनुल इस्लाम ने स्टूडेंटों को स्कूल के भीतर घुसने से रोका तो स्टूडेंटों ने हंगामा खड़ा कर दिया। 
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