मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद डीएम को आदेश दिए थे कि क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराएं। इसी आदेश के तहत बुधवार (18 दिसंबर) को अविश्वास प्रस्ताव पर क्षेत्र पंचायत सभागार में मतदान हुआ।
डीएम ने एसडीएम महेंद्र प्रताप को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया था। पीठासीन अधिकारी की उपस्थिति में सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे तक चला। बीडीओ डॉ. प्रभात द्विवेदी और एडीओ पंचायत सूरजपाल यादव भी मौजूद रहे। कुल 65 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें 62 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाले। ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में मात्र दो वोट आए। एक मतपत्र पर अंगूठा लगा होने से उसे निरस्त कर दिया गया।
मतगणना होते ही अविश्वास प्रस्ताव की जीत होने पर क्षेत्र पंचायत कार्यालय ढोल ताशे की आवाज से गूंज उठा। अविश्वास प्रस्ताव के लिए शुरू से ही मोर्चा संभाले रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य शिरोमणि बाबू को कई सदस्यों ने फूलों की माला पहनाई। अंबेडकर प्रतिमा पर भी फूल चढ़ाए। शिरोमणि बाबू क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सुमन देवी से पराजित हुए थे।
मतदान के समय क्षेत्राधिकारी (अतर्रा) राजीव प्रताप सिंह, कोतवाली इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव, कमासिन थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, बिसंडा थानाध्यक्ष तारा सिंह पटेल, तिंदवारी इंस्पेक्टर नीरज सिंह और मरका पुलिस आदि तैनात रही। गौरतलब है कि इसके पूर्व सपा की जसपुरा ब्लाक प्रमुख सादिका खातून को अविश्वास प्रस्ताव के जरिये हटाया जा चुका है।