फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां 16 बार विधानसभा चुनाव में एक बार जीती भाजपा

Sun, 08 Jan 2017 08:45 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- इस सीट पर छह बार कांग्रेस, एक एक बार जनसंघ और जनता पार्टी जीती
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

1952 में अस्तित्व में आई विधानसभा सीट महोबा में कांग्रेस का दबदबा रहा है। अब तक 16 बार हुए विधानसभा चुनाव में छह बार कांग्रेस का इस सीट पर कब्जा रहा है। जबकि भाजपा को सिर्फ एक बार इस सीट पर जीत का मजा मिला है। 1996 से इस सीट पर लगातार सपा और बसपा का दो-दो बार कब्जा रहा है। 1980 में बाबूलाल तिवारी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में महोबा विधानसभा से जीत दर्ज की थी।
विज्ञापन







 

1989 के बाद से कांग्रेस इस सीट पर जीत के लिए जद्दोजहद कर रही है।

अमित शाह (फाइल फोटो)
इसके बाद दो बार कांग्रेस ने चुनाव लगातार जीता। 1989 के बाद से कांग्रेस इस सीट पर जीत के लिए जद्दोजहद कर रही है। वहीं 1991 में भाजपा से छोटेलाल मिश्रा ने जीत दर्ज की थी।  लेकिन 1993 के चुनाव में वह जनतादल प्रत्याशी अरिमर्दन सिंह से हार गए थे। 23 साल से भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज करने का इंतजार कर रही है। इस सीट से 1952 में मनीलाल गुरुदेव पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। किसी भी जनप्रतिनिधि ने विकास की सुध नहीं ली। शहर में झूलते तार और फुटपाथ पर जिंदगी गुजार रहे गरीबों को है आशियाने की दरकार। 

 

महोबा विधानसभा क्षेत्र का ब्यौरा

डेमो
महोबा विधानसभा क्षेत्र का ब्यौरा
कुल मतदाता      298609
पुरुष                   163870
महिला               134735
अन्य                           04
जनसंख्या           409600
वार्ड                             25
मतदेय स्थल             323

 

2012 में थे मैदान में 

केशव प्रसाद मौर्य (फाइल फोटो)
2012 में थे मैदान में 
पार्टी                  प्रत्याशी                      मत
कांग्रेस            अरिमर्दन सिंह                40684
भाजपा            बादशाह सिंह                  30350
बसपा        राजनारायण बुधौलिया          43963
सपा              सिद्धगोपाल साहू                43609

 

अब तक के विधायक

डेमो
अब तक के विधायक
वर्ष                   सदस्य                          पार्टी   
1952         मन्नीलाल गुरुदेव                 कांग्रेस
1957         बाबू बृजगोपाल                     कांग्रेस
1962         मदनपाल सिंह         प्रजा सोसलिस्ट पार्टी
1667         जोरावर                               जनसंघ
1969          मोहनलाल                          कांग्रेस
1974         चंद्र नारायण                        कांग्रेस
1977          उदित नारायाण शर्मा       जनता पार्टी
1980         बाबूलाल तिवारी                  निर्दलीय
1985          बाबूलाल तिवारी                  कांग्रेस
1989         बाबूलाल तिवारी                   कांग्रेस
1991         छोटेलाल मिश्रा                    भाजपा
1993           अरिमर्दन सिंह                जनतादल
1996          अरिमर्दन सिंह                     सपा
2002           सिद्धगोपाल साहू                  सपा
2007            राकेश गोस्वामी                 बसपा
2012            राजनारायण बुधौलिया       बसपा

 

परिसीमन में क्या घटा क्या जुड़ा

प्रदेश कार्यालय भाजपा उत्तर प्रदेश
परिसीमन में क्या घटा क्या जुड़ा
2008 के बाद हुए परिसीमन के बाद महोबा विधानसभा के अजनर, कैथोरा, लमौरा, इंद्रहटा, हसला, गुढ़ा, अमानपुरा, बेलाताल, बछेछरकला, आनंदपुरा, बडे़रा, चमरुआ, मवइया, बुधौरा, महेबा, बुधवारा, रजपुरा, स्यावन, फसानाबाद, टिकरिया, खिरिया, बिजौरी सहित दो दर्जन गांव महोबा विधानसभा से कटकर विधानसभा चरखारी में जोड़ दिए गए। इसी तरह खरेला, बसौठ, पुन्निया, धवारी, बरदा, टिकरी, बिंदावर, पहरेथा, अतरौली, सहित डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांव मौदहा विधानसभा से कटकर महोबा विधानसभा में जुड़ गए। 2012 में  हुए विधानसभा चुनाव नए परिसीमन के हिसाब से कराए गए थे। 

 

टिकट के जद्दोजहद में सभी दलों के दावेदार

डेमो
टिकट के जद्दोजहद में सभी दलों के दावेदार
नए परिसीमन के बाद महोबा विधानसभा सीट ठाकुर बाहुल सीट मानी जाने लगी है। हालांकि पिछड़ी जाति और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की भी ठीकठाक स्थिति है। मुस्लिम मतदाता भी इस सीट पर निर्णायक स्थिति में रहता है। पिछले दिनों राहुल गांधी भी यहां पर घाट सभा लेकर आ चुके है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी रैली हो चुकी है। सपा की साइकिल यात्रा भी निकाली गई। तो भाजपा ने परिवर्तन यात्रा निकालकर भाजपा का गुणगान किया। लेकिन इस दफा के चुनाव में बसपा सुप्रीमों ने सिटिंग एमएलए का टिकट काटकर नए प्रत्याशी पर भरोसा जताया है। 

 
विज्ञापन

विधानसभा क्षेत्र की पहचान

डेमो
विधानसभा क्षेत्र की पहचान
बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर, सूर्य मंदिर, शिवतांडव, खखरामठ, ऐतिहासिक चंदेलकालीन सरोवर, आल्हा ऊदल की प्रतिमाएं और औद्योगिक क्षेत्र में देश विदेश में मशहूर महोबा का पान यहां की पहचान बने हुए है। 

सपा बसपा की रही टक्कर
वर्ष 1993 के बाद से महोबा विधानसभा सीट में सपा बसपा की टक्कर होती रही। यही वजह है कि इस सीट पर 1993 के बाद से दो बार समाजवादी पार्टी तो दो बार बहुजन समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की। जबकि इससे पहले कांग्रेस का बेालबाला रहा। अन्य दल एक एक बार ही चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 

जातीय समीकरण
ठाकुर बाहुल सीट, ब्रहृाम्ण, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग, मुस्लिम आदि शामिल है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें