भारतीय जनता पार्टी ने स्नातक और छावनी परिषद के चुनाव में अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए जिस तरह से केंद्रीय मंत्री, सांसदों विधायकों और प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही प्रदेश प्रभारी को लगा दिया है।
इससे लगता है कि फिलहाल भाजपा की निगाहें भले ही स्नातक और छावनी परिषद चुनाव पर हों, पर उसका मुख्य निशाना 2017 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव पर ही हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर पहली बार शहर आने वाले हैं। इससे पहले दो बार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी स्नातक चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर चुके हैं।
जल्द ही वह तीसरी बार शहर आएंगे। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, सांसद मुरली मनोहर जोशी, देवेंद्र सिंह भोले, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ला, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल कार्यकर्ताओं के साथ कई दौर की बैठकें कर चुके हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर का मुख्य मकसद एमएलसी चुनाव में पार्टी के अंदर माहौल बनाना। लेकिन इसी बहाने वह जनपद के कार्यकर्ताओं को यूपी 2017 के लिए भी संदेश देंगे। कई राज्यों में पार्टी की सरकार बनने के बाद भाजपा ने अब दिल्ली के बाद यूपी को टारगेट किया है।
प्रदेश प्रभारी 16 जनवरी की शाम यहां आ जाएंगे और 18 को वापस लौटेंगे। ओम प्रकाश माथुर उस समय सबसे ज्यादा चर्चा में आए जब महाराष्ट्र शिवसेना और कांग्रेस को हराकर वहां पर भाजपा को सत्ता में लाए थे।
माथुर उस समय महाराष्ट्र के प्रभारी थे। उसके बाद ही उन्हें यूपी का प्रभारी बनाया गया। अभी तक माथुर का शहर के लिए जो शेड्यूल बना है, उसमें वह महानगर, क्षेत्रीय इकाई के पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं की अलग से बैठक करेंगे।
इसके साथ ही वह उन्नाव क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं। इस बीच शहर में वह प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के साथ बैठक कर एमएलसी चुनाव की रणनीति तय करेंगे। महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष दोनों यहां पर प्रवास करेंगे।
वह संगठन की गतिविधियों के साथ एमएलसी चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने को आ रहे हैं।