उन्नाव विधायक कुलदीप सेंगर की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर उनके हर काम में उनका साथ देने वाले गुड्डू की भतीजी के साथ गलत हरकत न होती तो शायद 2005 में शुरू हुई आपसी रंजिश दुष्मनी में न बदलती। यह कहना मृतक कैदी के भाई का।
बंदी की मौत के बाद अब तीन भाईयों में उसका सबसे छोटा भाई महेश ही बचा है। महेश ने बताया कि उसका दिल्ली में लोहे का कारोबार है। महेश का कहना है कि अगर विधायक उनकी भतीजी के साथ गलत हरकत न करते तो शायद 2005 में शुरू हुई आपसी रंजिश दुश्मनी में न बदलती। महेश ने बताया कि उनके सबसे बड़े भाई गुड्डू सिंह, विधायक कुलदीप की सुरक्षा से लेकर उनके हर काम में उनका साथ देते थे। इसके कारण वह (महेश) और सुरेंद्र भी कुलदीप व उनके परिवार की तरह थे। बताया कि आपसी मनमुटाव तब शुरू हुआ जब 1990 के पंचायत चुनाव में गुड्डू ने बीडीसी का चुनाव लड़ा। कुलदीप ने यह कहकर चुनाव लड़ने से रोका कि गांव में एक ही नेता रहेगा। विरोध के बाद भी बड़े भाई गुड्डू चुनाव जीते। इसके बाद भी वह (महेश) उनके साथ रहा। पहली बार बसपा से विधायकी का टिकट उसने ही दिलाया था। क्यों कि तत्कालीन बसपा नेता आरके चौधरी से उसकी काफी जान पहचान थी। बताया कि अगर देखा जाए तो कुलदीप को विधायक बनाने वाला वही है। बताया कि 2010 में उसके बड़े भाई गुड्डू सिंह की शहर के मोहल्ला कलक्टरगंज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया कि अगर वह (विधायक) गलत हरकत न करते तो आज भी वह उनका कभी विरोध न करता। हिस्ट्रीशीटर अपराधी होने के सवाल पर बताया कि माखी थाने में वही होता है जो नेता जी चाहते हैं। इसी की नतीजा है कि वह जिले में रहा भी नहीं और मारपीट, लूटपाट के मुकदमे उसके ऊपर दर्ज होते गए।
कौन है अतुल सिंह?
विधायक कुलदीप और उनके भाई अतुल सेंगर
युवक की हत्या के आरोप में जेल गए विधायक के भाई अतुल उर्फ जयदीप सिंह का खेती और गांव में बनाया गया इंटर कालेज ही आय का मुख्य श्रोत है। वह कालेज के प्रबंधक हैं। वह जमीन की खरीद फरोख्त का भी काम करता है। पत्नी अर्चना सेंगर गांव की प्रधान हैं। आरोप है कि जिस जमीन पर इंटर कालेज बनाया है वह भी ग्राम समाज की है। 1990 में यहां राजकीय निर्माण निगम ने 16 दुकानों का निर्माण कराया था। यहां कुछ लोगों के आवास भी थे लेकिन बाद में उन्हें तोड़कर यहां स्कूल की बिल्डिंग बनाई गई है।
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का प्रोफाइल
कुलदीप सिंह
गांव की राजनीति (ग्राम पंचायत) से राजनीति के गुर सीखने वाले कुलदीप सिंह सेंगर ग्राम प्रधान भी रहे हैं। इसके बाद युवक कांग्रेस से राजनीति में कदम रखा और वर्ष 2002 में उन्होंने बसपा से उन्नाव सदर सीट से पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा और विधायक चुने गए। 2007 में उन्होने सपा का दामन थामा और बांगरमऊ से विधायक चने गए। इसके बाद 2012 में भगवंतनगर से विधायक निर्वाचित हुई। 2016 में सपा में रहते हुए पार्टी से बगावत कर जिला पंचायत चुनाव में अपनी पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया और वह विजयी हुईं। इसके कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव से पहले कुलदीप सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बांगरमऊ से प्रत्याशी बनाया और वह लगातार चौथीबार विधायक बने।
विधायक के रिश्तेदार की जेल में है खाद्यान्न सप्लाई
कुलदीप सिंह
उन्नाव जिला कारागार में विधायक के करीबी रिश्तेदार की अंदर तक पैठ है। जेल में बंदियों व कैदियों के लिए सप्लाई होने वाले खाद्यान्न में साठ फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी उनके करीबी की है। जानकार बताते हैं कि सपा सरकार में जेल में खाद्यान्न सप्लाई पर रिश्तेदार युवक ने सप्लाई का काम शुरू किया और जैसे-जैसे समय बीतता गया जेल अधिकारियों से संपर्क बढ़ता गया और जेल में दखल और सप्लाई बढ़ती गई। इसी जेल में विधायक का आरोपी भाई व उसके चार साथी न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए हैं। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शरू हो गई हैं। मृतक की पीड़िता बेटी ने विधायक के इसी करीबी पर घटनाक्रम में शामिल होने के आरोप लगाए हैं।
न्याय न मिला तो जंतरमंतर पर करेंगे अनशन
कुलदीप सिंह
मंगलवार दोपहर डीएम आवास पर मृतक बंदी के भाई ने पूरे घटनाक्रम का जिम्मेदार पुलिस प्रशासन को ठहराया है। आरोप लगाया कि विधायक के दबाव में पुलिस ने भाई पर जमकर जुल्म ढहाए। विधायक व उनके भाई ने अपने गुर्गों के साथ भाई को पीट-पीट कर मरणासन्न कर दिया। जबकि पुलिस ने उपचार न कराकर उल्टे जेल भेज दिया। जहां रविवार रात भाई की मौत हो गई। उन्होंने सरकार से विधायक के अलावा तहरीर में नामित सभी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ऐसा न होने पर दिल्ली के जंतरमंतर में अनशन कर न्याय की लड़ाई की चेतावनी दी। इस दौरान महेश ने कुछ सालों पहले तक अपने व विधायक के परिवार में बेहतर रिश्तों होने की जानकारी भी साझा की।
मौत के 20 घंटे बाद हुआ बंदी का पोस्टमार्टम
रेप पीड़िता
विधायक व उसके साथियाें पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के पिता का सोमवार देर रात पोस्टमार्टम हुआ। एसीएमओ के नेतृत्व में जिला अस्पताल के दो डाक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। आंत में घाव होने से बंदी के शरीर में संक्रमण फैल गया था। इससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है।
बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके समर्थकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के पिता की सोमवार सुबह जिला अस्पताल में उपचार दौरान मौत हो गई थी। रविवार रात पेट में दर्द की शिकयत पर उसे जेल से जिला अस्पताल लाया गया था। जिला अस्पताल में पिता की मौत होते ही बेटी ने विधायक पर जेल में पिता की हत्या कराने का आरोप लगाया था। न्यायिक अभिरक्षा में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत पर जिला प्रशासन ने आनन फानन पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए थे। सोमवार देर रात एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़, जिला अस्पताल के आर्थो सर्जन डा. डीपी सरोज व डा. आरके चौरसिया ने पोस्टमार्टम किया। लगभग एक घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद उन्होंने रात में रिपोर्ट एसपी को सौंप दी। सूत्रों के अनुसार बाहरी चोटों के अलावा सुरेंद्र की आंत में भी घाव हो गया था। घाव की वजह से शरीर में बैक्टीरिया, मल और अपचित भोजन पेट में फैल गया। समय से इसकी पहचान न होने से पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि घाव कितना पुराना था इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंदी के पेट में सिर्फ 250 एमएल बदबूदार पीले रंग के पानी के अलावा और कुछ नहीं मिला है।
दुष्कर्म पीड़िता बोली, विधायक को मिले फांसी की सजा
कुलदीप सिंह
उन्नाव बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व उनके भाई अतुल सिंह सेंगर के जुल्म की दास्तां बयां कर रही दुष्कर्म पीड़िता तीसरे दिन भी न्याय की आवाज बुलंद कर अधिकारियों के बीच पूरे दिन सिसकती रही। पीड़िता ने मीडिया के सामने विधायक व उनके गुर्गों पर तमाम आरोप लगाए। उसने कहा कि इस अपराध में विधायक को फांसी की सजा दी जाए।
मंगलवार डीएम आवास पर करीब पांच घंटे दुष्कर्म पीड़िता अपने चाचा व अन्य परिजनों के साथ मौजूद रही। इस दौरान एसपी क्राइम लखनऊ, डीएम, एसडीएम हसनगंज, सीडीओ टीके शिबु समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा रही कि पीड़िता से कई बिंदुओं पर जांच टीम ने विस्तार से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आई है। इस दौरान करीब 3.45 बजे दुष्कर्म पीड़िता को मीडिया के सामने लाया गया। पीड़िता ने एक बार फिर विधायक पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान पीड़िता अपने आंसुओं को रोक नहीं सकी और रुंधे गले से बोली, विधायक को फांसी की सजा होने पर ही न्याय और पिता की आत्मा को शांति मिलेगी। मामले की सीबीआई जांच के साथ ही विधायक के साथियों के खिलाफ भी कठोर सजा की मांग की।
पड़ोसियों से क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ
कुलदीप सिंह
दोपहर करीब 2 बजे मृतक के गांव के एक दर्जन लोग डीएम आवास पहुंचे। करीब पौन घंटे बाद लग्जरी कार में सवार ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए डीएम आवास का गेट खोला गया। इस पर मीडियाकर्मियों ने वाहन को घेर लिया। तभी सादी वर्दी में मौजूद एक इंस्पेक्टर ने कार में श्रमिकों के बैठने की बात कही। इसके बाद कार आगे बढ़ गई। सूत्रों की मानें तो क्राइम ब्रांच ने करीब पौन घंटे तक ग्रामीणों से सघन पूछताछ कर पूरे मामले की हकीकत की।
परिवार की स्थिति पर तैयार हो रही है रिपोर्ट
कुलदीप सिंह
विधायक पर संगीन आरोप लगा रही पीड़िता के परिवार की आर्थिक स्थित कुछ खास नहीं है। पिता की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट और गहरा गया है। मीडिया से बातचीत में डीएम ने बताया कि एसडीएम हसनगंज से मृतक की पारिवारिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार कराई है। जिसे शासन को भेजकर आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। शासन स्तर से अभी तक कोई मदद मिली कि नहीं। इस पर डीएम चुप्पी साध गए।
डीआईजी लव कुमार पहुंचे जेल, एक घंटे की जांच
कुलदीप सिंह
उन्नाव बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती के पिता की जेल में हालत बिगड़ने और अस्पताल में मौत के मामले की जांच डीआईजी जेल लव कुमार को सौंपी गई है। मंगलवार दोपहर डीआईजी ने उन्नाव जेल पहुंच मामले की छानबीन की। लगभग एक घंटे जेल में रुकने के बाद वह जांच रिपोर्ट शासन को देने की बात कह लौट गए।
विधायक व उसके गुर्गों पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के पिता को पुलिस ने आर्म्स एक्ट व मारपीट की धाराओं में जेल भेज दिया था। जेल में हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में आंत फटने व संक्रमण फैलने से दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत के बाद शासन ने डीआईजी जेल लव कुमार को जिला कारागार उन्नाव भेज जांच शुरू करने को कहा था। इस पर मंगलवार दोपहर वह जेल पहुंचे। डीआईजी के जेल पहुंचते ही हड़कंप मच गया। जेल का निरीक्षण करने के बाद डीआईजी ने बताया कि विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। पूरे मामले में अगर कारागार का कोई व्यक्ति संलिप्त मिलता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।