कानपुर नगर निगम में महापौर कक्ष में कर्मचारियों और पार्षद के बीच हुई मारपीट के मामले ने मंगलवार रात तूल पकड़ लिया। भाजपा पार्षद राघवेंद्र मिश्रा की एफआईआर दर्ज न होने से नाराज पार्टी के तमाम पार्षद, कार्यकर्ता और महापौर का बेटा अनुराग पांडेय स्वरूप नगर थाने पहुंच गए। थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
थाने के सामने सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। कुछ सड़क पर लेट गए। पार्षदों ने इंस्पेक्टर देवेंद्र दुबे पर दूसरे पक्ष के लोगों से मिलीभगत का आरोप लगाया। सीओ कर्नलगंज मनोज गुप्ता ने वहां पहुंच कर मामले को संभाला। राघवेंद्र की रिपोर्ट दर्ज होने से बाद भाजपाई थाने से हटे।
आपको बता दें कि महापौर कक्ष में विवाद के बाद नगर निगम कर्मी नासिर की तरफ की स्वरूप नगर पुलिस ने पार्षद राघवेंद्र मिश्र और नीरज बाजपेई के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और धमकी की रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद पार्षद ने तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।
इससे नाराज राघवेंद्र ने साथी पार्षदों, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुला लिया। इसके बाद भाजपाई थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। बवाल की सूचना पाकर सीओ कर्नल गंज कई थानों की फोर्स के साथ स्वरूप नगर थाने पहुंचे। हंगामा कर रहे भाजपाइयों से बातचीत की। कार्रवाई का भरोसा देने पर भीड़ का गुस्सा शांत हुआ।
ट्रैफिक डायवर्ड किया गया
भाजपाइयों ने थाने का घेराव किया
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर ने बताया कि पार्षद की तरफ से नगर निगम कर्मी नासिर, मोहन लाल साहसी, मुन्ना पहलवान, हरिओम बाल्मिकी और 300 अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, पर्स, अंगूठी लूटने, महापौर कार्यालय का दरवाजा तोड़ने की कोशिश समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपाइयों के हंगामे के दौरान दो घंटे से ज्यादा तक हैलट ओवर ब्रिज से स्वरूप नगर जाने वाला मार्ग अवरुद्ध रहा। इस दौरान पुलिस ने हैलट ओपीडी का गेट खुलवाकर वाहनों को जीटी रोड की तरफ डायवर्ड कराया। इसी तरह मोतीझील की तरफ से आने वाले वाहनों को स्वरूप नगर थाने के आगे वाली सड़क की ओर डायवर्ड किया गया।