इस दफा के चुनाव नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा चुनाव में सिर्फ मोदी फैक्टर काम आया है। मोदी के अलावा किसी बड़े नेता का चुनाव में जादू नहीं चला। इससे सभी दलों के प्रत्याशियों को मात खानी पड़ी। यूपी में नरेंद्र मोदी के दखल देने के बाद से भाजपा की ताकत बढ़ी है।
2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राकेश गोस्वामी करीब 20278 वोट पाए थे। 2007 में पुष्पेंद्र सिंह चंदेल इसी सीट से भाजपा के टिकट पर करीब 16275 वोट पा सके थे। जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बादशाह सिंह को 30350 मतों से संतोष करना पड़ा था।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी के दखल देने के बाद मोदी लहर दौड़ गई और विधानसभा में करीब 16000 वोट पाने वाले पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने 2014 के लोकसभा चुनाव में छक्का जड़ते हुए करीब 175000 मतों से सपा प्रत्याशी विशंभर निषाद को हराकर लोकसभा में पहुंचे थे। इस दफा के विधानसभा चुनाव में भी मोदी फैक्टर काम आया और मतदाताओं ने मोदी के नाम पर जमकर बारिश की।