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बिकरू कांड : खुशी के प्रताड़ना के आरोपों पर तीन माह बाद भी पुलिस नहीं दे सकी रिपोर्ट

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कानपुर देहात। खुशी ने पुलिस अभिरक्षा में प्रताड़ना का आरोप लगा कोर्ट को दस जनवरी को प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने चौबेपुर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। मामले में तीन माह से अधिक समय बीत जाने पर भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं भेजी। इससे प्रार्थना पत्र का निपटारा नहीं हो सका।
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खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि दस जनवरी को सुनवाई के दौरान अपर जिला सत्र न्यायाधीश 13 पॉक्सो एक्ट शैलेंद्र कुमार वर्मा की कोर्ट में खुशी ने प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर अभिरक्षा में प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
उसने कोर्ट से बताया था कि केस डायरी पढ़ने के बाद पता चला कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी आठ जुलाई 2020 को दिखाई है, जबकि पुलिस उसे चार जुलाई को ही घर से पकड़ ले गई थी। चार दिन तक थाने में रखकर तरह तरह की प्रताड़ना दी।
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उसने कोर्ट के समक्ष दावा किया कि यू ट्यूब पर चार जुलाई को उसकी गिरफ्तारी से संबंधित कई वीडियो उपलब्ध हैं। इससे स्पष्ट है कि पुलिस ने मनमाने तरीके से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया।
मामले में कोर्ट से संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए चौबेपुर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दी है। इससे खुशी के प्रार्थना पत्र का निपटारा नहीं हो सका।
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